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Chhath Puja 2025 : लोक आस्था के महापर्व छठ की धूम, डूबते सूर्य को दिया गया अर्घ्य, देखें Video

धर्म डेस्क। बिहार में चार दिन तक चलने वाले छठ पर्व का आज तीसरा दिन है। सोमवार की शाम व्रती (छठ करने वाले लोग) डूबते सूरज को अर्घ्य दिया। पूरे राज्य में इस अवसर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गांवों से लेकर शहरों तक लोग श्रद्धा और भक्ति में डूबे हुए हैं। बिहार के राजधानी पटना में छठ पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों पर लगभग 550 घाटों को सजाया और साफ किया गया है। इसके अलावा पार्कों और तालाबों में भी छठ पूजा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। मोहल्लों और गलियों में लोग झाड़ू लगाकर सड़कों को साफ कर रहे हैं और पानी का छिड़काव भी कर रहे हैं, ताकि व्रतियों को घाट तक जाने में कोई परेशानी न हो।

 

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नेताओं ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को छठ पूजा की बधाई दी। उन्होंने कहा, “महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। यह त्योहार सूर्य देव और छठी मईया की उपासना करने तथा प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक है। मेरी कामना है कि यह पर्व सबके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाए तथा हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करे।”

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आपके जीवन को सुख, समृद्धि और सौभाग्य से भर दे।”

 

घाटों पर सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
जिला प्रशासन के अनुसार पटना नगर निगम क्षेत्र में गंगा किनारे 102 घाट, 45 पार्क और 63 तालाब तैयार किए गए हैं। सभी जगह सफाई, बिजली, रोशनी, शौचालय और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए 205 स्थानों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस अफसर तैनात किए गए हैं। किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए NDRF की 9 टीमें और SDRF की 14 टीमें तैनात की गई हैं। गोताखोरों की टीम और 18 रिवर पेट्रोलिंग दल भी निगरानी कर रहे हैं। 10 रिवर फ्रंट गश्ती दल और 3 स्पीड बोट गश्ती टीम भी तैनात की गई हैं।

 

पूरा बिहार छठ के रंग में रंगा
बिहार के गांवों और शहरों में छठ गीतों की मधुर ध्वनि गूंज रही है। घरों में थेका, ठेकुआ, और प्रसाद की खुशबू फैली हुई है। राजधानी पटना की सड़कों पर रंग-बिरंगी रोशनियां और तोरण-द्वार सजाए गए हैं। गंगा घाटों पर भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद है।

 

चार दिन का होता है व्रत

  1. पहला दिन – नहाय-खाय (शनिवार):
    इस दिन महिलाएं स्नान कर पवित्र भोजन करती हैं और छठ व्रत की शुरुआत करती हैं।
  2. दूसरा दिन – खरना (रविवार):
    व्रती पूरे दिन उपवास रखकर शाम को गुड़-चावल की खीर का प्रसाद बनाते हैं।
    खरना के बाद लोग प्रसाद खाने के लिए व्रतियों के घर आते हैं।
  3. तीसरा दिन – संध्या अर्घ्य (सोमवार):
    इस दिन व्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं और शाम को नदी या तालाब में जाकर डूबते सूरज को अर्घ्य देते हैं।
  4. चौथा दिन – उषा अर्घ्य (मंगलवार):
    अंतिम दिन व्रती उगते सूरज को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करते हैं।
    इसके बाद वे अन्न-जल ग्रहण करके पारण करते हैं।

 

 

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