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नए साल पर माता वैष्णो देवी में उमड़ा श्रद्धालुओं का जन सैलाब, श्राइन बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन पर लगाई रोक, जानें वजह

mata vaishno

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नेशनल डेस्क। नए साल का स्वागत करने के लिए पूरे देश में लाखों लोग धार्मिक स्थानों पर पहुंच रहे हैं। हर जगह मंदिरों और तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई शहरों में स्थिति इतनी भीड़भाड़ वाली हो चुकी है कि लोगों को चलने के लिए भी ज्यादा जगह नहीं मिल रही। वहीं, जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध तीर्थस्थल माता वैष्णो देवी में इस बार उम्मीद से कई गुना ज़्यादा लोग दर्शन करने पहुंचे हैं। यात्रा मार्गों पर हर तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आ रही है। कई स्थानों पर पैरों रखने तक की जगह नहीं बची। भक्तों को दर्शन करने में भारी परेशानी हो रही है। भीड़ इतनी बढ़ गई है कि सुरक्षा और व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

 

अस्थायी रूप से नए रजिस्ट्रेशन पर रोक
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अहम फैसला लिया है। बोर्ड ने नए भक्तों के रजिस्ट्रेशन पर 1 जनवरी की सुबह तक रोक लगा दी है। इस दौरान नए यात्रियों को पंजीकरण की अनुमति नहीं होगी। ताकि पहले से पंजीकृत लोग बिना परेशानी के दर्शन कर सकें।

देशभर के अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी भारी भीड़
सिर्फ वैष्णो देवी ही नहीं, बल्कि भारत के लगभग सभी बड़े धार्मिक और पर्यटन स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है।

जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल

-श्रीनगर

-गुलमर्ग

-सोनमर्ग

-इन सभी जगहों पर पर्यटक बहुत बड़ी संख्या में पहुंचे हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश:

-मनाली

-शिमला
-सैलानियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है, ट्रैफिक और पार्किंग की दिक्कतें भी सामने आ रही हैं।

उत्तराखंड

नैनीताल-

-यहां भी प्रशासन के लिए भीड़ और ट्रैफिक दोनों संभालना मुश्किल हो रहा है।

बड़े धार्मिक तीर्थस्थलों की स्थिति
देश के सभी प्रमुख मंदिरों में लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं, जैसे मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, काशी (वाराणसी), ओडिशा का जगन्नाथपुरी, गुजरात का द्वारका, मध्य प्रदेश का उज्जैन (महाकाल मंदिर), महाराष्ट्र का शिरडी, हर जगह भक्त नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन और पूजा-पाठ के साथ करना पसंद कर रहे हैं।

युवाओं की खास भागीदारी
इस साल एक खास बात यह है कि बड़ी संख्या में युवा (Gen-Z) भी मंदिरों और धार्मिक स्थानों का रुख कर रहे हैं। वे नए वर्ष की शुरुआत प्रार्थना, पूजा और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करना चाहते हैं।

 

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