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Diwali 2026: दिवाली की शाम कितने दीये जलाना माना जाता है शुभ? जानें दीपक जलाने का सही समय

Diwali 2026 Diya Lighting Rules

Diwali 2026 Diya Lighting Rules

Diwali 2026 Diya Lighting Rules: दीपावली का त्योहार रोशनी, खुशहाली और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ घर के हर कोने में दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि दिवाली की रात दीपों से जगमगाता और साफ-सुथरा घर मां लक्ष्मी को आकर्षित करता है। यही वजह है कि लोग लक्ष्मी पूजन के बाद मुख्य द्वार से लेकर मंदिर, आंगन और बालकनी तक दीपक जलाते हैं।

हालांकि, दिवाली पर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर घर में कुल कितने दीये जलाने चाहिए? दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त क्या है और रातभर अखंड दीपक जलाते समय किन नियमों का ध्यान रखना चाहिए? आइए जानते हैं दिवाली 2026 पर दीपक जलाने से जुड़ी खास बातें।

दिवाली 2026 पर दीपक जलाने का शुभ समय

दिवाली के दिन प्रदोष काल में दीपक जलाना विशेष शुभ माना जाता है। दी गई पंचांग जानकारी के अनुसार, दिवाली 2026 पर दीपक जलाने का शुभ समय शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा। वहीं, प्रदोष काल शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक रहने का उल्लेख है।

इस दौरान मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद घर के मुख्य द्वार और अन्य स्थानों पर दीपक जलाए जा सकते हैं। ध्यान रखें कि पूजा और दीपदान का सटीक मुहूर्त स्थानीय पंचांग और शहर के अनुसार अलग हो सकता है।

दिवाली पर कुल कितने दीये जलाने चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर दीपक जलाने की कोई निश्चित संख्या निर्धारित नहीं है। व्यक्ति अपनी श्रद्धा, परंपरा और सामर्थ्य के अनुसार दीपक जला सकता है। हालांकि, इस अवसर पर 5, 11, 21, 51 और 108 दीये जलाना शुभ माना जाता है।

इसके अलावा, कई घरों में दो विशेष दीपक जलाने की परंपरा भी है। इनमें एक शुद्ध देसी घी का और दूसरा तेल का दीपक होता है। मान्यता के अनुसार, घी का दीपक पूरी रात जलाकर रखना शुभ माना जाता है।

दिवाली पर घर में कहां-कहां जलाने चाहिए दीपक?

– घर का मंदिर: पूजा स्थल पर सरसों के तेल और देसी घी के दो बड़े दीपक जलाएं।
– मुख्य द्वार: घर के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ दीपक रखें।
– लिविंग रूम: घर के बैठक वाले हिस्से में दीपक जलाएं।
– रसोईघर: रसोई में सुरक्षित स्थान पर दीपक रखें।
– छत और बालकनी: घर की छत और बालकनी को दीपों से सजाएं।
– तुलसी का पौधा: तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
– पीपल का पेड़: धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल के नीचे दीपदान किया जाता है।
– मंदिर: घर के आसपास स्थित मंदिर में भी दीपक जलाएं।
– कमरों के दरवाजे: घर के प्रत्येक कमरे के प्रवेश द्वार पर दीपक रख सकते हैं।
– बाथरूम के बाहर: बाथरूम के बाहर सुरक्षित दूरी पर दीपक जलाने की परंपरा भी कुछ घरों में निभाई जाती है।

रातभर अखंड दीपक जलाने के क्या हैं नियम?

दिवाली की रात अखंड दीपक जलाने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। मान्यता है कि लगातार जलता हुआ दीपक घर में सकारात्मकता और शुभता का प्रतीक होता है। यदि आप भी रातभर दीपक जलाना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें।

1. अखंड दीपक के लिए स्थिर और सुरक्षित स्थान का चुनाव करें।
2. दीपक में पर्याप्त मात्रा में शुद्ध घी या तेल रखें।
3. दीपक को ऐसी जगह रखें जहां हवा का तेज झोंका न लगे।
4. दीपक के आसपास कपड़े, पर्दे, कागज या ज्वलनशील वस्तुएं न रखें।
5. दीपक को मजबूत और अग्निरोधक आधार पर रखें।
6. रातभर दीपक जलाने की स्थिति में समय-समय पर उसकी निगरानी करें। उसे बिना निगरानी के जलता हुआ न छोड़ें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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