Early Marriage Tips: हिंदू धर्म में विवाह को जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक माना जाता है। हालांकि कई युवक-युवतियों को समय पर उपयुक्त जीवनसाथी नहीं मिल पाता, जिसके कारण विवाह में अनावश्यक देरी होने लगती है। ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि कुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति या कुछ विशेष दोष विवाह संबंधी बाधाओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना से जुड़े कुछ पारंपरिक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें विवाह के मार्ग में आने वाली रुकावटों को कम करने वाला माना जाता है।
गुरुवार को करें यह विशेष उपाय
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जिन कन्याओं के विवाह में लगातार विलंब हो रहा हो, वे गुरुवार के दिन स्नान के बाद अपने हाथों से बेसन के 108 लड्डू तैयार करें। इन लड्डुओं को पीले वस्त्र से सजी टोकरी में रखकर श्रद्धानुसार दक्षिणा के साथ किसी शिव मंदिर में अर्पित करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती से मनचाहे विवाह की प्रार्थना करें।
ये भी पढ़ें:
16 सोमवार व्रत का महत्व
शिव भक्ति में 16 सोमवार व्रत का विशेष स्थान माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत को विधिपूर्वक करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर हो सकती हैं। पूजा के दौरान शिव-पार्वती का स्मरण करते हुए शीघ्र विवाह की कामना की जाती है। कई लोग प्रतीकात्मक रूप से दोनों के मध्य गठबंधन बांधकर भी पूजा करते हैं।
सात शुक्रवार तक करें जलाभिषेक
यदि विवाह की बातचीत बार-बार किसी कारण से रुक जाती हो, तो लगातार सात शुक्रवार भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ माना जाता है। पूजा के समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर पुष्प और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं। यदि अधिक बेलपत्र उपलब्ध न हों, तो कम से कम 21 बेलपत्र चढ़ाने की सलाह दी जाती है।
ताले से जुड़ा पारंपरिक उपाय
लोक मान्यताओं के अनुसार विवाह योग्य युवक या युवती गुरुवार की शाम एक पुराना खुला ताला लेकर उसे सात बार अपने ऊपर से उतारें और फिर किसी चौराहे पर छोड़ दें। माना जाता है कि यह उपाय विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने का प्रतीकात्मक माध्यम है।
ये भी पढ़ें:
पीले रंग को माना गया है शुभ
ज्योतिष में पीले रंग का संबंध शुभता और गुरु ग्रह से जोड़ा जाता है। विवाह योग्य युवक-युवतियों को पीले रंग के वस्त्र पहनने की सलाह दी जाती है। यदि ऐसा संभव न हो, तो पीले रंग का रूमाल अपने पास रखना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा किसी विवाह समारोह में दूल्हा-दुल्हन की मेहंदी का थोड़ा हिस्सा अपने हाथों पर लगाना भी मंगलकारी माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

