Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

होलाष्टक में दिखें ये 4 सपने तो समझिए बदलने वाली है किस्मत, मिल सकते हैं शुभ संकेत

February 25, 2026

होलाष्टक में दिखें ये 4 सपने तो समझिए बदलने वाली है किस्मत, मिल सकते हैं शुभ संकेत

Holashtak 2026: होली से पहले आने वाले आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। वर्ष 2026 में होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी से होगी और इसका समापन 3 मार्च को होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। हालांकि, लोकविश्वास यह भी कहता है कि इन दिनों देखे गए कुछ विशेष सपने भविष्य के लिए शुभ संकेत दे सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही चार सपनों के बारे में, जिन्हें सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है…

1. सपने में भगवान विष्णु या भक्त प्रह्लाद का दर्शन

होलाष्टक की कथा भगवान विष्णु और उनके परम भक्त प्रह्लाद से जुड़ी मानी जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी काल में दैत्यराज हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को विष्णु भक्ति छोड़ने के लिए प्रताड़ित किया था, लेकिन अंततः भगवान ने अपने भक्त की रक्षा की। मान्यता है कि यदि होलाष्टक के दिनों में सपने में भगवान विष्णु या प्रह्लाद के दर्शन हों, तो यह जीवन में आने वाले अच्छे बदलाव, सफलता और संकटों से मुक्ति का संकेत होता है।

ये भी पढ़ें :

2. सपने में पीले रंग से होली खेलना

अगर कोई व्यक्ति स्वयं को सपने में पीले रंग के साथ होली खेलते हुए देखे, तो इसे भी शुभ माना जाता है। पीला रंग समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह सपना जीवन में खुशहाली, अटके कार्यों में गति और मानसिक शांति का संकेत देता है।

3. दूसरों को होली खेलते देखना

सपने में यदि आप अन्य लोगों को रंगों के साथ होली खेलते देखें, तो इसे पारिवारिक सुख और आपसी संबंधों में मधुरता का संकेत माना जाता है। यह सपना सामाजिक जीवन में प्रतिष्ठा और अपने प्रियजनों के साथ अच्छे समय का प्रतीक हो सकता है।

4. पवित्र और स्वच्छ नदी का दृश्य

होलाष्टक के दौरान सपने में साफ और पवित्र नदी का दिखना भी शुभ संकेत माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से नदी शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। ऐसा सपना देखने पर माना जाता है कि जीवन से नकारात्मकता दूर होती है, करियर में प्रगति मिलती है और स्वास्थ्य में सुधार आता है।

ये भी पढ़ें :

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें