धर्म डेस्क: आज पूरे देश में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पवित्र चतुर्दशी तिथि पर बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के दिव्य विवाह उत्सव को लेकर लाखों भक्त मंदिर पहुंचे और दिनभर पूजा-अर्चना में जुटे रहे।
सुबह से ही मंदिर परिसर में लंबी-लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया, भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाए और रुद्राभिषेक कर आशीर्वाद लिया। ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा धाम क्षेत्र गूंज उठा। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मंदिर के पुजारियों के अनुसार, महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि पर ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसी मान्यता के आधार पर यहां हर वर्ष भव्य शिव बारात निकाली जाती है। रात के समय विशेष झांकियों के साथ शिव बारात का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शिव बारात में ढोल-नगाड़ों की गूंज, सजे-धजे घोड़े, पारंपरिक झांकियां और नागिन नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। कई भक्त भूत-प्रेत और गणों के स्वरूप में सजकर बारात में शामिल हुए, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। मंदिर क्षेत्र रोशनी और सजावट से जगमगा उठा।
पुजारियों का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ को ‘मनोकामना लिंग’ के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां अपनी इच्छा लेकर आता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के कारण देश के कोने-कोने से श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं।
Deoghar, Jharkhand: On the occasion of Mahashivratri, a priest says, “Today marks the sacred day of Mahashivratri, which coincides with the 13th day of Chaturdashi. Devotees celebrate the auspicious wedding of Baba Baidyanath and Mata Parvati. During the night, a grand procession… pic.twitter.com/zC49mV28R2
— IANS (@ians_india) February 15, 2026
बाबा बैद्यनाथ धाम का महत्व इसलिए भी खास है क्योंकि यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। साथ ही यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में भी पूजनीय है। यहां माता पार्वती शक्ति स्वरूप में विराजमान हैं, जिससे भक्तों को शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
महाशिवरात्रि के दिन बेलपत्र चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है।
मान्यता है कि तीन पत्तों वाला बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा बैद्यनाथ समस्त सृष्टि के पालनहार हैं और भक्तों की हर सच्ची प्रार्थना स्वीकार करते हैं। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम भक्ति, आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम बना हुआ है।
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