Hukamnama 13 April 2026: बिलावलु महला ५ ॥ मिरतु हसै सिर ऊपरे पसूआ नही बूझै ॥ बाद साद अहंकार महि मरणा नही सूझै ॥१॥ सतिगुरु सेवहु आपना काहे फिरहु अभागे ॥ देखि कसुंभा रंगुला काहे भूलि लागे ॥१॥ रहाउ ॥ करि करि पाप दरबु कीआ वरतण कै ताई ॥ माटी सिउ माटी रली नागा उठि जाई ॥२॥ जा कै कीऐ स्रमु करै ते बैर बिरोधी ॥ अंत कालि भजि जाहिगे काहे जलहु करोधी ॥३॥ दास रेणु सोई होआ जिसु मसतकि करमा ॥ कहु नानक बंधन छुटे सतिगुर की सरना ॥४॥६॥३६॥
मेष: दिन शुभ रहेगा...