Last Updated: October 17, 2026

Dainik Savera Times Logo

Today Hukamnama 17 Oct 2026: हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी

October 17, 2026

Today Hukamnama 17 Oct 2026: हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी

Hukamnama 17 Oct 2026: तिलंग महला ४ ॥ हरि कीआ कथा कहाणीआ गुरि मीति सुणाईआ ॥ बलिहारी गुर आपणे गुर कउ बलि जाईआ ॥१॥ आइ मिलु गुरसिख आइ मिलु तू मेरे गुरू के पिआरे ॥ रहाउ ॥ हरि के गुण हरि भावदे से गुरू ते पाए ॥ जिन गुर का भाणा मंनिआ तिन घुमि घुमि जाए ॥२॥

Hukamnama 17 Oct 2026 अर्थ: हे गुरसिख! मित्र गुरु ने (मुझे) परमात्मा की सिफत सलाह की बातें सुनाई हैं। मैं अपने गुरु से बार बार सदके कुर्बान जाता हूँ।१। हे मेरे गुरु के प्यारे सिख! मुझे आ के मिल, मुझे आ के मिल ।रहाउ। हे गुरसिख! परमात्मा के गुण (गाने) परमात्मा को पसंद आते हैं। मेने वेह गुण गाने, गुरु से सीखे हैं। मैं उन बड़े भाग्य वालो से बार बार कुर्बान जाता हूँ, जिन्होंने गुरु के हुकम को मीठा कर के माना है।२। हे गुरसिख! मैं उनके सदके जाता हूँ, जिन प्यारों ने गुरू का दर्शन किया है, जिन्होंने गुरू की (बताई) सेवा की है।3। हे हरी! तेरा नाम सारे दुख दूर करने के समर्थ है, (पर यह नाम) गुरू की शरण पड़ने से ही मिलता है। गुरू के सन्मुख रहने से ही (संसार-समुंद्र से) पार लांघा जा सकता है।4। हे गुरसिख! जो मनुष्य परमात्मा का नाम सिमरते हैं, वे मनुष्य (परमात्मा की हजूरी में) कबूल हो जाते हैं। नानक उन मनुष्यों से कुर्बान जाता है, सदा सदके जाता है।5।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें