Last Updated: September 20, 2026

Dainik Savera Times Logo

Hukamnama 8 June 2026: हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी

June 8, 2026

Hukamnama 8 June 2026: हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी

Hukamnama 8 June 2026: सोरठि महला ५ ॥ जीअ जंत्र सभि तिस के कीए सोई संत सहाई ॥ अपुने सेवक की आपे राखै पूरन भई बडाई ॥१॥ पारब्रहमु पूरा मेरै नालि ॥ गुरि पूरै पूरी सभ राखी होए सरब दइआल ॥१॥ रहाउ ॥ अनदिनु नानकु नामु धिआए जीअ प्रान का दाता ॥ अपुने दास कउ कंठि लाइ राखै जिउ बारिक पित माता ॥२॥२२॥५०॥

Hukamnama 8 June 2026 अर्थ: हे भाई! पूर्ण-परमात्मा (सदा) मेरे अंग-संग (मददगार) है। पूरे गुरू ने अच्छी तरह मेरी (इज्जत) रख ली है। गुरू सारे जीवों पर ही दयावान रहता है।1। रहाउ। हे भाई! सारे जीव उस (परमात्मा) के ही पैदा किए हुए हैं; वह परमात्मा ही संत जनों का मददगार रहता है। अपने सेवक की (इज्जत) परमात्मा खुद ही रखता है (उसकी कृपा से ही सेवक की) इज्जत पूरे तौर पर बनी रहती है।1। हे भाई! नानक (तो उस परमात्मा का) नाम हर वक्त सिमरता रहता है जो जीवन देने वाला है जो सांसें देने वाला है। हे भाई! जैसे माता-पिता अपने बच्चों का ध्यान रखते हैं, वैसे ही परमात्मा अपने सेवक को (अपने) गले से लगा के रखता है।2।22।50।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें