Site icon Dainik Savera Times

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 07 जून 2025

Hukamnama

Hukamnama

Hukamnama : टोडी बाणी भगतां की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ कोईबोलै निरवा कोई बोलै दूरि ॥ जल की माछुली चरैखजूरि ॥१॥ कांइ रे बकबादु लाइओ ॥ जिनि हरिपाइओ तिनहि छपाइओ ॥१॥ रहाउ ॥ पंडितु होइ कैबेदु बखानै ॥ मूरखु नामदेउ रामहि जानै ॥२॥१॥

Hukamnama अर्थ :- कोई मनुख कहता है (परमात्मा हमारे ) करीब (बसता है), कोई कहता है (भगवान हमसे से कहीं) दूर (और जगह है); (पर केवल बहिस के साथ निर्णय कर लेना इस प्रकार ही असंभव है जैसे) पानी में रहने वाली मछली खजूर पर चड़ने का यतन करे (जिसके ऊपर मनुख भी बड़े कठिन हो के चड़ते हैं)।1। हे भाई ! (रब करीब है कि दूर इस बारे अपनी शिक्षा का विखावा करने के लिए) क्यों व्यर्थ बहिस करते हो ? जिस मनुख ने भगवान को खोज लिया है उस ने (अपने आप को) छुपाया है (भावार्थ, वह इन बहसों के द्वारा अपनी विद्या का ढंढोरा नहीं देता पीटता )।1।रहाउ। विद्या हासिल कर के (ब्राहमण आदि तो) वेद (आदि धर्म-पुस्तकों) की विसथार के साथ चर्चा करता घूमता है, पर मूर्ख नामदेव सिर्फ परमात्मा को ही पहचानता है (केवल भगवान के साथ ही उस के सुमिरन के द्वारा साँझ पाता है)।2।1।

Exit mobile version