Last Updated: October 31, 2026

Dainik Savera Times Logo

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 1 अप्रैल 2025

April 1, 2025

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 1 अप्रैल 2025

Hukamnama: सोरठि महला ५ ॥ मेरा सतिगुरु रखवाला होआ ॥ धारि क्रिपा प्रभ हाथ दे राखिआ हरि गोविदु नवा निरोआ ॥१॥ रहाउ ॥ तापु गइआ प्रभि आपि मिटाइआ जन की लाज रखाई ॥ साधसंगति ते सभ फल पाए सतिगुर कै बलि जांई ॥१॥ हलतु पलतु प्रभ दोवै सवारे हमरा गुणु अवगुणु न बीचारिआ ॥ अटल बचनु नानक गुर तेरा सफल करु मसतकि धारिआ ॥२॥२१॥४९॥

अर्थ :-हे भाई ! मेरा गुरु (मेरा) सहाई बनाहै, (गुरु की शरण की बरकत के साथ)भगवान ने कृपा कर के (अपने) हाथ दे के(बालक हरि गोबिंद को) बचा लिया है, (अब बालक) हरि गोबिंद बिलकुल राजी-बाजी हो गया है।1। (हे भाई ! बालक हरिगोबिंद का) ताप उतर गया है, भगवान नेआप उतारा है, भगवान ने अपने सेवक कीइज्ज़त रख ली है । हे भाई ! गुरु की संगतसे (मैंने) सारे फल प्राप्त कीये हैं, मैं (सदा)गुरु से (ही) कुरबान जाता हूँ।1। (हे भाईजो भी मनुख भगवान का पला पकड़ेरखता है, उस का) यह लोक और परलोकदोनो ही परमात्मा सवार देता है, हम जीवोंका कोई गुण या औगुण परमात्मा चित् मेंनहीं रखता । हे नानक ! (बोल-) हे गुरु !तेरा (यह) बचन कभी टलने वाला नहीं (किपरमात्मा ही जीव का लोक परलोक मेंराखा है) । हे गुरु ! तूं अपना बरकत वालाहाथ (हम जीवों के) माथे पर रखता हैं।2।21।49।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें