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हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 19 जून 2025

Hukamnama, Shri Harmandir Sahib Ji, 28 March 2025, Amritsar, Punjab, 

Hukamnama, Shri Harmandir Sahib Ji, 28 March 2025, Amritsar, Punjab, 

Hukamnama : सोरठि महला ५ ॥ गुरु पूरा भेटिओ वडभागी मनहि भइआ परगासा ॥ कोइ न पहुचनहारा दूजा अपुने साहिब का भरवासा ॥१॥ अपुने सतिगुर कै बलिहारै ॥ आगै सुखु पाछै सुख सहजा घरि आनंदु हमारै ॥ रहाउ ॥ अंतरजामी करणैहारा सोई खसमु हमारा ॥ निरभउ भए गुर चरणी लागे इक राम नाम आधारा ॥२॥ सफल दरसनु अकाल मूरति प्रभु है भी होवनहारा ॥ कंठि लगाइ अपुने जन राखे अपुनी प्रीति पिआरा ॥३॥ वडी वडिआई अचरज सोभा कारजु आइआ रासे ॥ नानक कउ गुरु पूरा भेटिओ सगले दूख बिनासे ॥४॥५॥

अर्थ :- हे भाई ! मैं अपने गुरु से कुरबान जाता हूँ, (गुरु की कृपा के साथ) मेरे हृदय-घर में आनंद बना रहता है, इस लोक में भी आत्मिक अढ़ोलता का सुख मुझे प्राप्त हो गया है, और, परलोक में भी यह सुख टिकिआ रहने वाला है।रहाउ। हे भाई ! बड़ी किस्मत के साथ मुझे पूरा गुरु मिल गया है, मेरे मन में आत्मिक जीवन की सूझ पैदा हो गई है। अब मुझे अपने स्वामी का सहारा हो गया है, कोई उस स्वामी की बराबरी नहीं कर सकता।1। हे भाई ! जब से मैं गुरु की चरणी लगा हूँ, मुझे परमात्मा के नाम का सहारा हो गया है, कोई भय मुझे अब पोह नहीं सकता (मुझे निश्चय हो गया है कि जो) सिरजणहार सब के दिल की जानने वाला है वही मेरे सिर ऊपर रखवाला है।2। (हे भाई ! गुरु की कृपा के साथ मुझे यकीन बन गया है कि) जिस परमात्मा का दर्शन मनुष्य जन्म का फल देने वाला है, जिस परमात्मा की हस्ती मौत से रहित है, वह इस समय भी (मेरे सिर ऊपर) मौजूद है, और, सदा कायम रहने वाला है। वह भगवान अपनी प्रीति की अपने प्यार की दाति दे के अपने सेवकों को अपने गले लगा के रखता है।3। हे भाई ! मुझे नानक को पूरा गुरु मिल गया है, मेरे सारे दु:ख दूर हो गए हैं। वह गुरु बड़ी प्रशंसा वाला है, अचरज शोभा वाला है, उस की शरण आने से जिंदगी का मनोरथ प्राप्त हो जाता है।4।5।

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