Site icon Dainik Savera Times

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 10 मार्च 2026

Hukamnama Shri Harmandir Sahib Ji

Hukamnama Shri Harmandir Sahib Ji

Hukamnama: सोरठि महला ३ घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सेवक सेव करहि सभि तेरी जिन सबदै सादु आइआ ॥ गुर किरपा ते निरमलु होआ जिनि विचहु आपु गवाइआ ॥ अनदिनु गुण गावहि नित साचे गुर कै सबदि सुहाइआ ॥१॥ मेरे ठाकुर हम बारिक सरणि तुमारी ॥ एको सचा सचु तू केवलु आपि मुरारी ॥ रहाउ ॥

राग सोरठि, घर १ में गुरु अमरदास जी की बाणी। अकाल पुरख एक है और सतगुरु की कृपा द्वारा मिलता है। हे प्रभु! तेरे जिन सेवकों को गुरु के शब्द का रस आ जाता है, वो ही सारे तेरी सेवा-भक्ति करते हैं। (हे भाई!) जिस मनुख ने गुरु की कृपा से अपने अंदर से आप-भाव (मैं) दूर कर लिया वह पवित्र (जीवन वाला हो जाता है। जो मनुख गुरु के शब्द में (जुड़ के) हर समय सदा-थिर प्रभु के गुण गाते रहते है, वह सुंदर जीवन वाले बन जाते हैं।१। हे मेरे मालिक-प्रभु! हम (जीव) तुम्हारे बच्चे हैं, तुम्हारी सरन में आये हैं। सिर्फ एक तुम ही सदा कायम रहने वाले हो, (जीव माया में डोल जाते हैं।रहाउ।

वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह

Exit mobile version