Jagannath Rath Yatra : इस वर्ष जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत 27 जून से हो रही है। यह यात्रा पूरे भारत में आस्था और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है। बता दें कि हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को खींचते हैं और भव्य शोभायात्रा में भाग लेते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर जाते हैं और उसी के प्रतीक स्वरूप यह यात्रा निकाली जाती है।
श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर सिर्फ भक्ति से जुड़ा नहीं होता, बल्कि यह मान्यता भी है कि रथ यात्रा के बाद कुछ खास वस्तुएं यदि घर लाई जाएं, तो उनसे चमत्कारी लाभ होते हैं। आइए जानें वे कौन-सी वस्तुएं हैं जो आपको रथ यात्रा के बाद जगन्नाथ धाम से अवश्य लानी चाहिए…
1. रथ की लकड़ी

रथ यात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के लिए विशेष रूप से नीम की पवित्र लकड़ी से रथ बनाए जाते हैं। यात्रा समाप्त होने के बाद इन रथों को परंपरा अनुसार तोड़ दिया जाता है। मान्यता है कि यदि रथ की टूटी हुई लकड़ी का छोटा सा टुकड़ा भी श्रद्धा से घर लाया जाए, तो इससे घर में समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
2. निर्माल्य (सूखे चावल का प्रसाद)
जगन्नाथ मंदिर में भगवान को जो सूखा चावल (निर्माल्य) भोग के रूप में चढ़ाया जाता है, वह अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह प्रसाद भक्तों को रथ यात्रा के दौरान वितरित किया जाता है। मान्यता है कि यदि इस चावल को घर के अन्न भंडार में रखा जाए, तो घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती और बरकत बनी रहती है।
3. विशेष छड़ी (बेंत)
रथ यात्रा के दौरान एक पवित्र छड़ी (बेंत) होती है, जिसे भक्तों को स्पर्श करने का अवसर मिलता है। इसे मां लक्ष्मी का प्रतीक और भगवान जगन्नाथ के तेज का प्रतीक माना गया है। अगर आप यह छड़ी धाम से लाकर अपने पूजाघर या तिजोरी में रखते हैं, तो इससे धन-धान्य, यश और आदर की प्राप्ति होती है।
4. तुलसी की माला
भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है और जगन्नाथ भगवान भी विष्णु के ही अवतार हैं। इसलिए रथ यात्रा के दौरान तुलसी की माला धारण करना और घर लाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस माला को घर में रखने से जीवन में सकारात्मकता, आरोग्य और धन-वैभव का संचार होता है।