Kitchen Vastu Tips: घर का किचन सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं होता, बल्कि इसे परिवार की सेहत और खुशहाली से भी जोड़ा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर रसोई सही दिशा में हो और उसमें चीजें सही जगह रखी जाएं, तो घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है। अगर आप नया किचन बनवाने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रख सकते हैं।
किचन किस दिशा में होना चाहिए?
वास्तु के अनुसार किचन के लिए दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है। इस दिशा का संबंध अग्नि तत्व से माना जाता है, इसलिए यहां रसोई बनाना शुभ माना जाता है।
गैस चूल्हा कहां रखें?
गैस चूल्हा ऐसी जगह रखें कि खाना बनाते समय आपका चेहरा पूर्व दिशा की ओर रहे। साथ ही चूल्हा घर के मुख्य दरवाजे से सीधे दिखाई नहीं देना चाहिए।
सिंक और गैस को पास-पास न रखें
वास्तु में पानी और आग को अलग-अलग रखना अच्छा माना जाता है। इसलिए सिंक और गैस चूल्हे के बीच थोड़ी दूरी रखें। सिंक या वाटर प्यूरिफायर उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना बेहतर माना जाता है।
रसोई में हवा और रोशनी जरूरी
किचन में अच्छी हवा और धूप आनी चाहिए। इसके लिए खिड़कियां पूर्व या दक्षिण दिशा में होना अच्छा माना जाता है।
किचन का दरवाजा
किचन का दरवाजा आसानी से खुलना चाहिए। अगर दो दरवाजे हों, तो उन्हें आमने-सामने बनाने से बचें।
किचन को साफ रखें
रसोई में बेकार का सामान जमा न करें। साफ और व्यवस्थित किचन में काम करना आसान होता है और अच्छा माहौल बना रहता है।
किचन और बाथरूम साथ न बनाएं
वास्तु के अनुसार किचन और बाथरूम एक साथ नहीं होने चाहिए। इन्हें अलग-अलग जगह बनाना बेहतर माना जाता है।
इन जगहों पर किचन बनाने से बचें
वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और घर के बीच वाले हिस्से में किचन बनाना सही नहीं माना जाता।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

