Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि वह पवित्र रात है जब पूरे देश में भक्त अपने घरों और मंदिरों में भगवान शिव की पूजा करते हैं। यह दिन फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है और इसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के रूप में भी मनाया जाता है। 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी की शाम से शुरू होकर 16 फरवरी की शाम तक रहेगी।
महाशिवरात्रि 2026: पूजा मुहूर्त
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी, 2026, 05:04 पीएम
चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी, 2026, 05:34 पीएम
निशिता काल पूजा समय: 16 फरवरी, 12:28 AM से 01:17 AM
शिवरात्रि पारण समय: 16 फरवरी, 07:06 AM से 03:46 PM
प्रहर अनुसार रात्रि पूजा मुहूर्त
प्रथम प्रहर: 06:39 PM – 09:45 PM
द्वितीय प्रहर: 09:45 PM – 12:52 AM (16 फरवरी)
तृतीय प्रहर: 12:52 AM – 03:59 AM (16 फरवरी)
चतुर्थ प्रहर: 03:59 AM – 07:06 AM (16 फरवरी)
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को क्या भोग लगाएं?
भोलेनाथ को सात्विक और शुद्ध भोग अर्पित करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यहां कुछ प्रमुख भोग की सूची दी गई है:
खीर: चावल या मखाना से बनी
पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण
ठंडाई
सफेद मिठाई: खोया या मावा की बर्फी
मालपुआ
फल: सेब, केला, शकरकंद, मौसमी फल
बेर
महाशिवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं?
व्रत के दौरान शरीर और मन को हल्का रखते हुए ये चीजें खाई जा सकती हैं:
मौसमी फल: केला, सेब, पपीता, अनार
दूध, दही, छाछ
साबूदाना खिचड़ी
कुट्टू के आटे की रोटी या पकौड़ी
सिंघाड़े के आटे की पूड़ी या पराठा
मेवे: मूंगफली, मखाना, काजू, बादाम
सेंधा नमक
नारियल पानी और नींबू पानी
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महाशिवरात्रि का दिन न केवल व्रत और पूजा का अवसर है, बल्कि यह आत्मशुद्धि और भक्ति का प्रतीक भी है। भक्त इस दिन रातभर जागरण करते हुए भगवान शिव के गुणों का स्मरण करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
ध्यान दें: यहां दी गई जानकारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...