Last Updated: September 22, 2026

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Makar Sankranti 2026 : इस दिन मनाई जाएगी मकर संक्रांति, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

January 3, 2026

Makar Sankranti 2026 : इस दिन मनाई जाएगी मकर संक्रांति, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

Makar Sankranti 2026 Date: हिंदू पंचांग में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। यह पर्व उस समय मनाया जाता है जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसे सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक माना जाता है। मकर संक्रांति भारत के उन त्योहारों में से एक है, जिसे देश के अलग-अलग राज्यों में अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। तमिलनाडु में यह पोंगल, केरल में मकरविलक्कु, जबकि गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण के नाम से प्रसिद्ध है। कई स्थानों पर इसे खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है।

मकर संक्रांति 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव की पूजा, स्नान और दान का विशेष महत्व होता है।

पुण्यकाल: दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:45 बजे तक
महापुण्यकाल: दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:58 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महापुण्यकाल में किया गया स्नान और दान कई गुना अधिक फल देता है। विशेष रूप से इस समय गंगा स्नान और दान को अत्यंत शुभ माना गया है।

मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व

मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और पुण्य अर्जन का अवसर है। इस दिन सूर्य उपासना, दान और संयम का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्म व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लाते हैं।

मकर संक्रांति के दिन क्या करें

पवित्र नदी, विशेषकर गंगा में स्नान करें। यदि यह संभव न हो, तो स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्याष्टक का पाठ करें।

जरूरतमंदों, ब्राह्मणों या मंदिर में तिल से बनी मिठाइयों, खिचड़ी और गर्म वस्त्रों का दान करें।

दान करते समय श्रद्धा और विनम्रता का भाव रखें।

मकर संक्रांति के दिन क्या न करें

स्नान और पूजा से पहले भोजन न करें।

इस दिन पेड़-पौधों को काटने से बचें।

तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें।

सूर्योदय के बाद देर तक या दिन में सोने से बचें।

यदि कोई याचक सहायता के लिए आए, तो उसे खाली हाथ न लौटाएं।

मकर संक्रांति का पर्व हमें दान, अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है। सही विधि और श्रद्धा के साथ इस पर्व को मनाने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। दैनिक सवेरा टाइम्स इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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