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Navratri 2026: नवरात्रि का तीसरा दिन… करें माता चंद्रघंटा की पूजा; जानें विधि और शुभ मुहूर्त

Navratri 2026 Mata Chandraghanta

Navratri 2026 Mata Chandraghanta

Navratri 2026 Mata Chandraghanta: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व में तीसरा दिन माता चंद्रघंटा की आराधना को समर्पित होता है। वर्ष 2026 में यह पूजा 21 मार्च को की जाएगी। माता के मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित होता है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनका वाहन सिंह है और वे अपने भक्तों को साहस, शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं।

माता चंद्रघंटा की पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन पूजा करने के लिए इन चरणों का पालन करें:

–प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ लाल या पीले वस्त्र धारण करें।
–पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और माता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
–धूप-दीप प्रज्वलित कर सिंदूर, अक्षत, चंदन, गंध आदि अर्पित करें।
–माता को चमेली के फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है (अन्य पीले या सफेद फूल भी चढ़ा सकते हैं)।
–भोग में खीर, शहद या दूध से बनी मिठाई अर्पित करें।
–पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करें:
“ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः”

अंत में आरती करें और अपनी मनोकामना माता के समक्ष व्यक्त करें।

माता चंद्रघंटा के प्रमुख मंत्र

भक्त इन मंत्रों का जाप कर विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं:

ऐं श्रीं शक्तयै नमः।

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः।

पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

या देवी सर्वभू‍तेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

पूजा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

–पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखें।
–माता को लाल या सफेद फूल अर्पित करें।
–चंदन अवश्य चढ़ाएं यह शुभता का प्रतीक है।
–भोग में विशेष रूप से खीर का प्रयोग करें।
–पूजा के समय मन को शांत रखें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

आध्यात्मिक महत्व

माता चंद्रघंटा की आराधना से जीवन में साहस, आत्मविश्वास और भय से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि उनकी कृपा से सभी बाधाएं दूर होती हैं और साधक को मानसिक शांति प्राप्त होती है। नवरात्रि का यह दिन विशेष रूप से साधना और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।

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