Site icon Dainik Savera Times

Navratri Rules: नवरात्रि में बाल कटवाने से क्यों किया जाता है परहेज? जानिए धार्मिक मान्यता

Hair Cut Rules

Hair Cut Rules

Navratri Rules: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही देशभर में भक्तिमय माहौल बन जाता है। ये नौ दिन देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होते हैं। इस दौरान लोग न केवल पूजा-पाठ में लीन रहते हैं, बल्कि अपने खान-पान और दिनचर्या में भी विशेष सावधानी बरतते हैं। सात्विक भोजन करना, लहसुन-प्याज से दूरी रखना और संयमित जीवनशैली अपनाना इस पर्व का अहम हिस्सा माना जाता है।

इन्हीं नियमों में एक परंपरा है नवरात्रि के दौरान बाल और नाखून न कटवाना। वहीं कई लोग इन दिनों शेविंग से भी बचते हैं। लेकिन इसके पीछे क्या वजह है? आइए समझते हैं…

धार्मिक मान्यता क्या कहती है?

धार्मिक दृष्टिकोण से नवरात्रि को अत्यंत पवित्र और ऊर्जा से भरपूर समय माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों व्यक्ति की आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। ऐसे में शरीर से जुड़ी चीजें, जैसे बाल और नाखून, जिन्हें ऊर्जा का वाहक माना जाता है, उन्हें काटना शुभ नहीं माना जाता। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा में कमी आने की बात कही जाती है।

ये भी पढ़ें :

 

क्या है वैज्ञानिक नजरिया?

कुछ लोग इसे वैज्ञानिक दृष्टि से भी समझाने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि बाल और नाखून शरीर के विकास से जुड़े होते हैं और उनमें शरीर की संरचना से संबंधित तत्व मौजूद रहते हैं। हालांकि “एनर्जी कम होने” का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि इन दिनों लोग मानसिक रूप से अधिक सजग और अनुशासित रहते हैं, जो उन्हें आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाता है।

क्या बाल कटवाने से होता है कोई असर?

आस्था के अनुसार, नवरात्रि जैसे पवित्र समय में नियमों का पालन करने से मन में श्रद्धा और अनुशासन बना रहता है। हालांकि अगर कोई इन दिनों बाल कटवा लेता है तो इसका कोई प्रत्यक्ष शारीरिक नुकसान सिद्ध नहीं है। यह पूरी तरह व्यक्तिगत विश्वास और परंपरा पर निर्भर करता है।

ये भी देखें :

नकारात्मकता दूर करने का तरीका

कुछ मान्यताओं के अनुसार, जब व्यक्ति मानसिक रूप से भारीपन या नकारात्मकता महसूस करता है, तो बाल कटवाना उसे हल्का महसूस करा सकता है। नया लुक आत्मविश्वास बढ़ाता है और मनोदशा में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

Exit mobile version