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Neem Karoli Baba : ब्रह्म मुहूर्त में करें ये दो कार्य… दूर होगी दुख-दरिद्रता, कोसों दूर रहेगी गरीबी

July 8, 2025

Neem Karoli Baba : ब्रह्म मुहूर्त में करें ये दो कार्य… दूर होगी दुख-दरिद्रता, कोसों दूर रहेगी गरीबी

Neem Karoli Baba : भारत के महान संतों में शुमार बाबा नीम करोली न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं और चमत्कारी व्यक्तित्व के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। दरसअल उत्तराखंड के नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां बाबा के अनुयायी साधना और सेवा में लीन रहते हैं। बाबा नीम करोली ने अपने जीवनकाल में कई ऐसी शिक्षाएं दीं जो आमजन के जीवन में शांति और समृद्धि ला सकती हैं।

सुबह के समय करें ये दो कार्य, दूर होगी दरिद्रता

बाबा नीम करोली के अनुसार, सुबह का समय अत्यंत पवित्र और ऊर्जावान होता है। खासकर ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4:00 से 5:30 बजे के बीच) में किया गया साधना और आत्मचिंतन जीवन में अद्भुत परिवर्तन ला सकता है।

पहला कार्य: ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान और योग

बाबा नीम करोली कहते थे कि ब्रह्म मुहूर्त में व्यक्ति को ध्यान मुद्रा में बैठकर मन को एकाग्र करना चाहिए। यह समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा से भरपूर होता है, जो मन, शरीर और आत्मा पर गहरा प्रभाव डालता है।

ध्यान और योगासन करने से मानसिक शांति मिलती है
पारिवारिक जीवन में संतुलन आता है
दुख-दरिद्रता धीरे-धीरे दूर होने लगती है
हथेली दर्शन करने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है

दूसरा कार्य: इष्ट देव की पूजा

बाबा के अनुसार, हमारे इष्ट देवता हमारे समस्त कष्टों को हरने की शक्ति रखते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को सुबह स्नान के बाद अपने इष्ट देव की पूजा करनी चाहिए।

इष्ट देव के समक्ष दीपक जलाएं
मंत्र जाप और आरती करें
इससे पितृ दोष और अन्य बाधाएं दूर होती हैं
घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है

नियमित अभ्यास से बदल सकता है जीवन

बाबा नीम करोली की ये शिक्षाएं बेहद सरल होने के बावजूद जीवन में गहरा सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। यदि व्यक्ति प्रतिदिन इन दो कार्यों को श्रद्धा और नियमपूर्वक करता है, तो न केवल उसका मानसिक और आध्यात्मिक विकास होता है, बल्कि उसके जीवन से कष्ट और दरिद्रता भी दूर होने लगती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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