Last Updated: September 21, 2026

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Nirjala Ekadashi 2026: शिव और सिद्ध योग में करें ये विशेष उपाय, भगवान विष्णु और महादेव की मिलेगी कृपा

June 21, 2026

Nirjala Ekadashi 2026: शिव और सिद्ध योग में करें ये विशेष उपाय, भगवान विष्णु और महादेव की मिलेगी कृपा

Nirjala Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। बता दें कि इस वर्ष यह पावन व्रत 25 जून को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। खास बात यह है कि इस बार निर्जला एकादशी पर शिव योग और सिद्ध योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ अवसर पर कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त की जा सकती है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आसान और प्रभावी उपायों के बारे में…

हरि-हर की संयुक्त पूजा करें

निर्जला एकादशी के दिन सुबह शिव योग का प्रभाव रहने के कारण भगवान विष्णु और भगवान शिव की एक साथ पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा स्थल पर दोनों देवताओं की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और घी का दीपक जलाएं। इसके बाद जल या दूध से अभिषेक करें तथा फल, फूल और तुलसी अर्पित करें। ऐसा करने से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति और शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।

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गौ सेवा से मिलेगा पुण्य

शास्त्रों में गाय को पूजनीय माना गया है। निर्जला एकादशी के दिन गाय को हरा चारा खिलाना, स्वच्छ जल पिलाना और श्रद्धापूर्वक उसका सम्मान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गौ सेवा से भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों प्रसन्न होते हैं तथा परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

शाम के समय करें स्तोत्र पाठ

एकादशी की शाम को भगवान विष्णु के विष्णु सहस्रनाम और भगवान शिव की स्तुति का पाठ करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इनका पाठ करने से मन को शांति मिलती है और तनाव कम होता है। साथ ही जीवन में सकारात्मक सोच बढ़ती है और मुश्किल समय का सामना करने का हौसला भी मिलता है।

मिलेगा शुभ फल

धार्मिक विद्वानों के अनुसार, यदि कोई श्रद्धालु इन उपायों में से किसी एक उपाय को भी सच्ची आस्था के साथ करता है, तो उसे शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। निर्जला एकादशी का यह पावन दिन आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और पुण्य कार्यों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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