Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

Papmochani Ekadashi 2026: 14 और 15 मार्च में कब रखें एकादशी व्रत? जानें सही तिथि, पारण समय और पूजा विधि

March 12, 2026

Papmochani Ekadashi 2026: 14 और 15 मार्च में कब रखें एकादशी व्रत? जानें सही तिथि, पारण समय और पूजा विधि

Papamochani Ekadashi 2026: होली के बाद पड़ने वाली एकादशी को पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत व्यक्ति को पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। यह एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष की अंतिम एकादशी भी मानी जाती है, जो चैत्र नवरात्रि से पहले आती है।

साल 2026 में पापमोचिनी एकादशी की तिथि दो दिनों में पड़ रही है, जिससे कई लोगों के मन में यह सवाल है कि व्रत किस दिन रखना अधिक शुभ रहेगा। आइए जानते हैं सही तिथि, पारण का समय और पूजा की विधि…

पापमोचिनी एकादशी 2026 की तिथि

पंचांग के अनुसार पापमोचिनी एकादशी तिथि की शुरुआत 14 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से होगी। यह तिथि 15 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। हिंदू धर्म में व्रत और पर्व के लिए उदयातिथि को विशेष महत्व दिया जाता है। क्योंकि 15 मार्च को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए पापमोचिनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026 को रखना अधिक शुभ माना गया है।

ये भी पढ़ें :

पापमोचिनी एकादशी पारण समय 2026

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है।

पारण तिथि: 16 मार्च 2026

पारण समय: सुबह 06:30 से 08:54 के बीच

इस समय के भीतर व्रत खोलना शुभ माना जाता है।

पापमोचिनी एकादशी की पूजा विधि

एकादशी के दिन भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें और व्रत का संकल्प लें।

फिर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा में धूप, दीप, चंदन, तुलसी और फल आदि अर्पित किए जाते हैं। इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है।

पूजा के दौरान पापमोचिनी एकादशी की कथा सुनना या पढ़ना चाहिए और अंत में भगवान विष्णु की आरती करके पूजा संपन्न की जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को दान देना भी शुभ माना जाता है। कई श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखते हैं और रात में जागरण भी करते हैं। इसके बाद अगले दिन निर्धारित समय में पारण करके व्रत पूर्ण किया जाता है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार श्रद्धा और नियम से किया गया पापमोचिनी एकादशी व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता लाने के साथ आध्यात्मिक लाभ भी प्रदान करता है।

ये भी पढ़ें :

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें