Last Updated: September 23, 2026

Dainik Savera Times Logo

Parivartini Ekadashi 2025: इस दिन रखा जाएगा परिवर्तनी एकादशी, जानें पूजा विधि और धार्मिक महत्व

September 2, 2025

Parivartini Ekadashi 2025: इस दिन रखा जाएगा परिवर्तनी एकादशी, जानें पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Parivartini Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यंत महत्व बताया गया है। मान्यता है कि माह के कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष में पड़ने वाली एकादशी का व्रत करने से भगवान श्री विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इनमें भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को विशेष महत्व दिया गया है, जिसे परिवर्तनी एकादशी या जलझूलनी एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष यह पावन तिथि 03 सितंबर 2025, बुधवार को पड़ रही है। व्रत का पारण 04 सितंबर 2025 को दोपहर 01:36 से 04:07 बजे के बीच किया जाएगा।

पूजा विधि

परिवर्तनी एकादशी के दिन प्रातःकाल सूर्योदय से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थान को साफ कर वहां श्री हरि विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। सबसे पहले शुद्ध जल अर्पित करें और फिर रोली, चंदन, धूप-दीप, फूल, नारियल, मिष्ठान, फल, पंचामृत और तुलसीदल से भगवान की पूजा करें। इसके पश्चात एकादशी व्रत की कथा कहें या सुनें। कथा के बाद तुलसी की माला से कम से कम एक माला “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप अवश्य करें।

एकादशी का व्रत बिना पारण के अधूरा माना जाता है। इसलिए अगले दिन निर्धारित मुहूर्त में फलाहार या अन्न ग्रहण कर व्रत का पारण करें। व्रत के समापन पर मंदिर जाकर भगवान को भोग अर्पित करें और पुजारी को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा दें।

धार्मिक महत्व

शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि भाद्रपद शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु योगनिद्रा में अपनी करवट बदलते हैं। इसीलिए इसे परिवर्तनी एकादशी कहते हैं। इस दिन से लेकर देवउठनी एकादशी तक भगवान विष्णु पाताल में शेषनाग की शैय्या पर विश्राम करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और मनुष्य को सुख-समृद्धि तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

एक अन्य कथा के अनुसार, इसी दिन श्रीकृष्ण बालरूप में नंद बाबा और यशोदा माता के साथ ब्रज में प्रथम बार भ्रमण के लिए निकले थे। इसी वजह से भक्त इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को पालकी में बैठाकर नगर भ्रमण कराते हैं और झूला झुलाते हैं। यही कारण है कि इसे जलझूलनी एकादशी भी कहा जाता है। परिवर्तनी एकादशी का व्रत भक्तों के लिए शुभ फलदायी और मोक्षदायी माना गया है। श्रद्धा और विश्वास के साथ इस व्रत को करने से भगवान विष्णु की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें