Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

Vastu Tips: अनजाने में बिगाड़ रहे हैं अपना वास्तु? आज ही छोड़ दें ये अशुभ आदतें

July 14, 2026

Vastu Tips: अनजाने में बिगाड़ रहे हैं अपना वास्तु? आज ही छोड़ दें ये अशुभ आदतें

धर्म डेस्क: कई बार लोग जीवन में आने वाली परेशानियों का कारण केवल ग्रह-नक्षत्रों या खराब किस्मत को मान लेते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार हमारी दैनिक दिनचर्या में शामिल कुछ सामान्य आदतें भी घर के वातावरण और व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर प्रभाव डाल सकती हैं। माना जाता है कि अनजाने में की गई कुछ गलतियां सकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकती हैं और जीवन में बाधाओं का कारण बन सकती हैं। तो आइए ख़बर में विस्तार से जानते हैं…

देर तक सोने की आदत पड़ सकती है भारी

वास्तु मान्यताओं के अनुसार सुबह का समय ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। सूर्योदय के बाद लंबे समय तक सोते रहने से व्यक्ति प्राकृतिक ऊर्जा से वंचित रह जाता है। ऐसा करने से आलस्य बढ़ सकता है और कामकाज में मन नहीं लगता। नियमित रूप से समय पर उठने की आदत को लाभकारी माना गया है।

ये भी पढ़ें:

दूसरों के कपड़े पहनने से करें परहेज

वास्तु और ज्योतिष में यह मान्यता है कि हर व्यक्ति की अपनी अलग ऊर्जा होती है, जिसका प्रभाव उसके उपयोग की वस्तुओं पर भी पड़ता है। इसलिए बार-बार किसी और के कपड़े पहनना उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे मानसिक असहजता, चिड़चिड़ापन और नकारात्मक विचार बढ़ सकते हैं।

नाखून चबाने की आदत छोड़ना बेहतर

विशेषज्ञों के अनुसार नाखून चबाना केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि मानसिक तनाव और अस्थिरता का संकेत भी हो सकता है। वास्तु शास्त्र में इसे एकाग्रता और निर्णय क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला व्यवहार माना गया है। इसलिए इस आदत से बचने की सलाह दी जाती है।

ये भी पढ़ें:

बिस्तर पर भोजन करने से बचें

वास्तु के अनुसार बिस्तर का उपयोग केवल आराम और नींद के लिए करना उचित माना जाता है। वहीं, उसी स्थान पर भोजन करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। भोजन हमेशा साफ-सुथरे और व्यवस्थित स्थान पर शांत मन से करने की सलाह दी जाती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें