Putrada Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। सावन महीने के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पुत्रदा एकादशी को खास तौर पर संतान सुख की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की आराधना करने के साथ संतान गोपाल मंत्र का जाप करने की परंपरा है।
23 अगस्त को रखा जाएगा व्रत
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त, रविवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि 23 अगस्त की रात करीब 2 बजे से शुरू होकर 24 अगस्त की सुबह 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के नियम के अनुसार व्रत 23 अगस्त को रखा जाएगा, जबकि इसका पारण 24 अगस्त को किया जाएगा।
संतान गोपाल मंत्र का करें जाप
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के बाद संतान गोपाल मंत्र का स्मरण करना शुभ माना जाता है। यह मंत्र भगवान श्रीकृष्ण से संतान सुख और परिवार की मंगलकामना के लिए प्रार्थना के रूप में जपा जाता है।
मंत्र:
“ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥”
पति-पत्नी साथ करें मंत्र जाप
मान्यता है कि यदि पति-पत्नी एक साथ भगवान विष्णु या बाल गोपाल के समक्ष बैठकर इस मंत्र का जाप करें तो पूजा को विशेष भाव के साथ किया जाता है। मंत्र जाप के दौरान मन को एकाग्र रखते हुए भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करने की परंपरा है।
5, 7 या 11 बार करें जाप
संतान गोपाल मंत्र का जाप 5, 7 या 11 बार करने की धार्मिक परंपरा बताई जाती है। हालांकि, मंत्र जाप की संख्या से अधिक महत्व श्रद्धा, भक्ति और मन की एकाग्रता को दिया जाता है। पूजा के दौरान भगवान से संतान के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और परिवार की समृद्धि की प्रार्थना की जा सकती है।
बाल गोपाल को अर्पित करें भोग
एकादशी की पूजा में बाल गोपाल को तुलसी दल, मक्खन-मिश्री, फल और मिठाई अर्पित करने की परंपरा भी है। पूजा के बाद भोग लगाकर परिवार की सुख-शांति और संतान संबंधी मनोकामना के लिए प्रार्थना की जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

