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राजपाल यादव ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के दौरान खुद को द्वापर युग का ‘मनसुखा’ बताया

फिल्मों में अपनी मजेदार एक्टिंग से दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट करने वाले एक्टर-कमीडियन राजपाल यादव संत प्रेमानंद महाराज को भी हंसाते दिखे। राजपाल यादव इन दिनों अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की।

वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के स्टोरीज सेक्शन पर पोस्ट करते हुए उन्होंने फैंस को प्यारी सी झलक दिखाई। वृंदावन स्थित आश्रम पहुंचे राजपाल यादव महाराज जी के सामने हाथ जोड़े बैठे नजर आए। वीडियो में महाराज जब पूछते हैं कि कैसे हो?

तो राजपाल ने हंसते हुए कहा, “महाराज जी, मैं तो आते वक्त बहुत कुछ बोलने की तैयारी करके आया था, लेकिन आपके सामने आते ही सब भूल गया। अब कुछ समझ नहीं आ रहा कि बोलूं!” यह सुनकर कमरे में मौजूद महाराज जी समेत सभी लोग खिलखिलाकर हंस पड़े।

राजपाल अपने अनोखे अंदाज में बोले, “महाराज जी, मुझे लगता है अभी द्वापर युग चल रहा है। भले ही ये पागलपन या गलतफहमी जैसा लगे, लेकिन मैं इसी में रहना चाहता हूं। कन्हैया भी हैं, सखा मंडल भी है और मैं… मैं तो उस मंडल का मनसुखा हूं! यहां सब ग्वाला हुए हैं और मुझे लगता है मनसुखा मैं ही था।

” महाराज जी ठहाके मारकर हंसते दिखे। यह बात सुनते ही प्रेमानंद जी महाराज मुस्कुराए और बड़े प्यार से बोले, “जरूर! जो पूरे देश-दुनिया के चेहरे पर हंसी लाता है, वह मनसुखा तो जरूर है। तुम बहुत अच्छा काम कर रहे हो। बस नाम जपते रहो, राधे-राधे बोलते रहो।

” बता दें, मनसुखा, भगवान श्रीकृष्ण के मित्र थे, जिन्हें मधुमंगल भी कहा जाता है। वह बालसखाओं में से एक थे। इसके बाद राजपाल यादव, प्रेमानंद महाराज को दो मंत्र सुनाते हैं जो उन्हें पूरा याद है। महाराज जी भी उन्हें नामजप करने को कहते हैं।

राजपाल यादव कहते हैं कि उनका जीवन धन्य हो गया। फैंस इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं और कमेंट में लिख रहे हैं कि राजपाल की हंसी और महाराज जी का आशीर्वाद दोनों अनमोल हैं।

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