Last Updated: October 12, 2026

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Putrada Ekadashi 2026: एकादशी पर क्यों नहीं तोड़ते तुलसी के पत्ते? जानें धार्मिक मान्यता

August 23, 2026

Putrada Ekadashi 2026: एकादशी पर क्यों नहीं तोड़ते तुलसी के पत्ते? जानें धार्मिक मान्यता

Sawan Putrada Ekadashi 2026: श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत इस साल 23 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल चढ़ाने की विशेष परंपरा है। माना जाता है कि तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है, इसलिए पूजा में इसे अर्पित करना शुभ माना जाता है।

एक दिन पहले क्यों रखें तुलसी?

धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन तुलसी के पौधे से पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता भी व्रत रखती हैं। इसलिए एकादशी की पूजा के लिए तुलसी के पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना उचित माना जाता है। एकादशी के दिन पौधे से पत्ते तोड़ने के बजाय पहले से रखे हुए साफ तुलसी दल को भगवान विष्णु को अर्पित किया जा सकता है।

एकादशी पर तुलसी के साथ क्या करें?

एकादशी के दिन तुलसी के पौधे को बार-बार छूने या उसके पत्ते तोड़ने से बचने की धार्मिक परंपरा है। पूजा के दौरान तुलसी को प्रणाम करके पहले से रखे तुलसी दल को भगवान विष्णु को चढ़ाया जा सकता है। शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण और मंत्र जाप करने की भी परंपरा है।

तुलसी तोड़ते समय रखें इन बातों का ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी दल हमेशा स्वच्छता और श्रद्धा के साथ तोड़ना चाहिए। पत्ते लेते समय पौधे की टहनी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। कई वैष्णव परंपराओं में तुलसी तोड़ने से पहले क्षमा प्रार्थना करने की परंपरा भी है।

तुलसी के पत्ते नाखून, चाकू या कैंची से तोड़ने के बजाय हाथ से लेने की मान्यता है। साथ ही स्नान के बाद ही तुलसी को छूने और पत्ते तोड़ने की परंपरा बताई गई है। शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ने से भी बचना चाहिए।

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