Last Updated: October 9, 2026

Dainik Savera Times Logo

शनि जयंती की रात बदल सकती है किस्मत, करें ये आसान उपाय, खुलेंगे सफलता के मार्ग

May 16, 2026

शनि जयंती की रात बदल सकती है किस्मत, करें ये आसान उपाय, खुलेंगे सफलता के मार्ग

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती आज 16 मई को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन और विशेष रूप से इसकी रात्रि शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि इस समय की गई साधना और उपायों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। शनि देव को न्याय का देवता और रात्रि का स्वामी भी कहा जाता है, इसलिए इस अवधि में किए गए उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाने का महत्व

शनि जयंती की रात पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का चार मुखी दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि दीपक जलाने के बाद “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जप करने से शनि दोषों का प्रभाव कम हो सकता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, यह उपाय जीवन की बाधाओं को दूर करने और आर्थिक स्थिति में सुधार का प्रतीक माना जाता है।

काले तिल से जुड़ा विशेष उपाय

इस दिन एक और पारंपरिक उपाय का उल्लेख मिलता है, जिसमें काले कपड़े में काले तिल, एक कील और एक सिक्का बांधकर उसे सात बार अपने ऊपर से वारने की परंपरा बताई गई है। इसके बाद इस पोटली को घर के किसी अंधेरे स्थान पर 24 घंटे के लिए रखा जाता है। अगले दिन इसे किसी शनि या हनुमान मंदिर में अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

ये भी पढ़ें…

हनुमान चालीसा पाठ का महत्व

शनि जयंती की रात हनुमान चालीसा का पाठ भी अत्यंत प्रभावी माना गया है। परंपरा के अनुसार किसी हनुमान या शनि मंदिर में जाकर सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। साथ ही इसे सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला उपाय माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि जयंती की रात किए गए ये उपाय आस्था और विश्वास के साथ करने पर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें