Shivaratri : आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मासिक शिवरात्रि है। आद्रा नक्षत्र के साथ शूल और गंध योग बन रहा है। इसके साथ ही आज चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा। पंचांग के अनुसार इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक और राहु काल दोपहर 03:53 बजे से शाम 05:38 बजे तक रहेगा। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ नहीं मानी जाती है। कृष्ण चतुर्थी का मुहूर्त 23 जून को रात 10:09 बजे से शाम 06:59 बजे तक रहेगा।
महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन मास में मनाई जाती है, जबकि मासिक शिवरात्रि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। आप चाहें तो इस दिन व्रत भी रख सकते हैं। इस दिन भगवान की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है। मान्यता है कि अगर कुंवारी लड़कियां मासिक शिवरात्रि का व्रत रखें तो भगवान महादेव की कृपा से उन्हें अच्छा वर मिलता है। वहीं अगर विवाहित महिलाएं यह व्रत रखें तो उनका वैवाहिक जीवन बेहतर होता है।
शिवरात्रि व्रत का उल्लेख पुराणों में मिलता है। शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, इंद्राणी, सरस्वती, गायत्री, सावित्री, सीता, पार्वती और रति ने भी शिवरात्रि व्रत रखा था। जो भक्त मासिक शिवरात्रि व्रत रखना चाहते हैं, वे इसे महाशिवरात्रि से शुरू कर सकते हैं और एक साल तक जारी रख सकते हैं।
मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि व्रत रखने से जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं। शिवरात्रि की पूजा मध्य रात्रि में की जाती है। मध्य रात्रि को निशिता काल के नाम से जाना जाता है और यह दो घाटियों के लिए शक्तिशाली होता है। जून महीने में इसका शुभ समय 23 जून की रात 12:03 बजे से 24 जून की रात 12:44 बजे तक है।
मासिक शिवरात्रि पर भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, फिर मंदिर या पूजा स्थल की सफाई करें और गंगाजल छिड़क कर पवित्र करें। एक चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति रखें, गंगाजल से अभिषेक करें और बिल्वपत्र, चंदन, चावल, फल और फूल चढ़ाएं। भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र का जाप करना भी लाभकारी होता है। रुद्राक्ष की माला से 11 बार मंत्र का जाप करें। शिवलिंग के सामने बैठकर राम-राम का जाप करने से भी भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...