Today Hukamnama 16 Feb 2026: बिलावलु महला ५ ॥ स्रब निधान पूरन गुरदेव ॥१॥ रहाउ ॥ हरि हरि नामु जपत नर जीवे ॥ मरि खुआरु साकत नर थीवे ॥१॥ राम नामु होआ रखवारा ॥ झख मारउ साकतु वेचारा ॥२॥ निंदा करि करि पचहि घनेरे ॥ मिरतक फास गलै सिरि पैरे ॥३॥ कहु नानक जपहि जन नाम ॥ ता के निकटि न आवै जाम ॥४॥१३॥१८॥
Today Hukamnama 16 Feb 2026 अर्थ: बिलावल राग में गुरू अर्जुनदेव जी की बाणी। हे भाई! पूरे गुरू की शरण पड़ने से सारे सभी खजानो का मालिक प्रभु मिल जाता है। रहाउ।(गुरु की शरण आकर) परमात्मा का नाम जपने से मनुष्य आत्मिक जीवन ढूंढ लेते हैं। परंतु परमात्मा से टूटे हुए मनुष्य आत्मिक मौत आकर्षित कर दुखी होते हैं। १। (जो मनुष्य गुरु की शरण आकर परमात्मा का नाम सिमरन करता है) हरि नाम हर जगह उसका रखवाला बनता है। परमात्मा से टूटा हुआ मनुष्य बेचारा उसकी बुराई आदि करने के लिए कई प्रकार के मूर्खों वाले काम करता है परंतु (उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं पाता)।२। अनेकों लोग (हरि नाम सिमरन करने वाले मनुष्य की( निंदा कर करके (बल्कि ) खीझते (ही )हैं । (आत्मिक) मौत की फांसी उनके गले में उनके पैरों में पड़ी रहती है, आत्मिक मौत उनके सिर पर सवार ही रहती है। गुरु नानक जी कहते हैं, हे नानक ( बेशक)। कह की यह जो मनुष्य परमात्मा का नाम जपते हैं यम भी उनके नजदीक नहीं आ सकता।४।१३।१८।
मेष: दिन शुभ रहेगा...