Last Updated: October 31, 2026

Dainik Savera Times Logo

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 04 मार्च 2025

March 4, 2025

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 04 मार्च 2025

Today Hukamnama : धनासरी महला १ ॥ काइआ कागदु मनु परवाणा ॥ सिर के लेख न पड़ै इआणा ॥ दरगह घड़ीअहि तीने लेख ॥ खोटा कामि न आवै वेखु ॥१॥ नानक जे विचि रुपा होइ ॥ खरा खरा आखै सभु कोइ ॥१॥ रहाउ ॥ कादी कूड़ु बोलि मलु खाइ ॥ ब्राहमणु नावै जीआ घाइ ॥ जोगी जुगति न जाणै अंधु ॥ तीने ओजाड़े का बंधु ॥२॥ सो जोगी जो जुगति पछाणै ॥ गुर परसादी एको जाणै ॥ काजी सो जो उलटी करै ॥ गुर परसादी जीवतु मरै ॥ सो ब्राहमणु जो ब्रहमु बीचारै ॥ आपि तरै सगले कुल तारै ॥३॥ दानसबंदु सोई दिलि धोवै ॥ मुसलमाणु सोई मलु खोवै ॥ पड़िआ बूझै सो परवाणु ॥ जिसु सिरि दरगह का नीसाणु ॥४॥५॥७॥

Today Hukamnama अर्थ :- यह मनुखा शरीर (मानो) एक कागज है, और मनुख का मन (शरीर- (कागज) ऊपर लिखा हुआ) दरगाही परवाना है । पर मूर्ख मनुख अपने माथे के यह लेख नहीं पढ़ता (भावार्थ, यह समझने का यतन नहीं करता कि उस के पिछले कीये कर्मो अनुसार कैसे कैसे संस्कार-लेख उस के मन में मौजूद हैं जो उस को अब ओर प्रेरणा कर रहे हैं) । माया के तीन गुणों के असर में रह के किये हुए कामों के संस्कार रबी नियम अनुसार हरेक मनुख के मन में उॅकरे जाते हैं । पर हे भाई ! देख (जैसे कोई खोटा सिका काम नहीं आता, उसी प्रकार खोटे कीये कामों का) खोटा संस्कार-लेख भी काम नहीं आता ।1 । हे नानक ! अगर रुपए आदि सिके चांदी के हो तो हर कोई उस को खरा सिका कहता है (इसी प्रकार जिस मन में पवित्रता हो, उस को खरा कहा जाता है) ।1 ।रहाउ । काजी (अगर एक तरफ तो इसलामी धर्म का नेता है और दूजे तरफ हाकम भी है, रिशवत की खातिर शरई कानून बारे) झूठ बोल के हराम का माल (रिशवत) खाता है । ब्राहमण (करोड़ों शूदर-कहलाते) मनुष्यो को दुखी कर कर के तीर्थ-स्नान (भी) करता है । योगी भी अंधा है और जीवन की जाच नहीं जानता । (यह तिंने अपनी तरफ से धर्म-नेता हैं, पर) इन तीनो के ही अंदर आत्मिक जीवन की तरफ से सुन्न ही सुन्न है ।2 । असल योगी वह है जो जीवन की सही जाच समझता है और गुरु की कृपा के साथ एक भगवान के साथ गहरी साँझ पाता है । काजी वह है जो सुरति को हराम के माल की तरफ से मोड़ता है जो गुरु की कृपा के साथ दुनिया में रहता हुआ दुनिआवी ख्वाहिशों की तरफ से मुड़ता है । ब्राहमण वह है जो सर्व-व्यापक भगवान में सुरति जोड़ता है, इस तरह आप भी संसार-सागर में से पार निकलता है और अपनी सभी कुलों को भी निकाल लेता है ।3 । वही मनुख समझदार है जो आपने दिल में टिकी हुई बुराई को दूर करता है । वही मुसलमान है जो मन में से विकारों की मैल को नास करता है । वही विदवान है जो जीवन का सही मार्ग समझता है, उस के माथे पर दरगाह का टिका लगता है वही भगवान की हजूरी में कबूल होता है ।4 ।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें