Site icon Dainik Savera Times

Vijaya Ekadashi 2026: आज के दिन जरूर करें इन नियमों का पालन; श्रीहरि की कृपा से मिलेगा सुख और सफलता

Kamada Ekadashi 2026 Puja Vidhi

Kamada Ekadashi 2026 Puja Vidhi

Vijaya Ekadashi 2026: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर विजया एकादशी का व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ रखा जाता है। इस वर्ष यह पावन व्रत शुक्रवार, 13 फरवरी को मनाया जा रहा है। धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की उपासना विशेष फलदायी मानी गई है। मान्यता है कि विधि-विधान से व्रत और पूजन करने पर जीवन के कष्ट दूर होते हैं और साधक को हर कार्य में विजय प्राप्त होती है।

व्रत का महत्व

विजया एकादशी को अत्यंत पुण्य प्रदान करने वाली तिथि माना जाता है। धार्मिक विश्वास है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत रखने और पूजा-अर्चना करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही व्यक्ति को मानसिक शांति और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

ये भी पढ़ें : 

क्या न करें इस दिन?

व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक माना गया है। कहा जाता है कि अनजाने में हुई त्रुटियां भी व्रत के फल को प्रभावित कर सकती हैं।

तामसिक भोजन से परहेज: मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन इस दिन वर्जित माना गया है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अन्न ग्रहण न करें।

चावल न खाएं: एकादशी के दिन चावल और उससे बने खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं किया जाता। साथ ही मसूर दाल और बैंगन खाने से भी बचना चाहिए।

वाणी पर संयम रखें: व्रत का अर्थ केवल भोजन त्यागना नहीं, बल्कि आचरण में भी शुद्धता लाना है। किसी से विवाद, कटु वचन या क्रोध करने से व्रत का पुण्य कम हो सकता है।

दान का महत्व: यदि इस दिन कोई जरूरतमंद सहायता के लिए आए तो उसे यथाशक्ति दान दें। दिखावे के बजाय श्रद्धा से किया गया दान ही श्रेष्ठ माना गया है।

वस्त्रों का चयन: काले और सफेद रंग के वस्त्र पहनने से बचें। धार्मिक मान्यता के अनुसार ये रंग पूजा के लिए शुभ नहीं माने जाते। इसके स्थान पर पीला, लाल, गुलाबी, हरा या नारंगी जैसे रंग धारण करना उत्तम माना गया है।

ये भी पढ़ें :

https://dainiksaveratimes.com/national/haryana/massive-fire-breaks-out-in-banquet-hall-in-gurugram/

श्रद्धा और नियमों का रखें ध्यान

विजया एकादशी केवल उपवास का दिन नहीं, बल्कि आत्मसंयम और सकारात्मकता अपनाने का अवसर भी है। सच्ची निष्ठा और नियमों के पालन के साथ की गई उपासना से श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, संपन्नता तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

Exit mobile version