Yogini Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से पहले आने वाली योगिनी एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से करने पर व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। शास्त्रों में इसे 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य फल देने वाला बताया गया है।
रोग, कष्ट और संकटों से मुक्ति का व्रत
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार योगिनी एकादशी व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी माना जाता है जो लंबे समय से बीमारी, आर्थिक तंगी या पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। इस व्रत को करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव होता है।
2026 में कब है योगिनी एकादशी?
पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हुए भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत कथा का श्रवण करते हैं।
राजा कुबेर और हेममाली की कथा
अलकापुरी में शुरू हुई पौराणिक कहानी
पुराणों के अनुसार, अलकापुरी में धन के देवता कुबेर भगवान शिव के परम भक्त थे। उनके सेवक हेममाली का कार्य पूजा के लिए फूल लाना था, लेकिन एक दिन वह अपनी पत्नी के मोह में फंसकर कर्तव्य भूल गया।
फूल समय पर न पहुंचने से क्रोधित होकर कुबेर ने हेममाली को कोढ़ रोग से ग्रसित होकर पृथ्वी पर कष्ट भोगने का श्राप दे दिया। श्राप के कारण वह स्वर्ग से गिरकर मृत्युलोक में आ गया और घोर पीड़ा सहने लगा।
ऋषि मार्कंडेय ने बताया उद्धार का मार्ग
कष्टों से भटकते हुए हेममाली जब ऋषि मार्कंडेय के आश्रम पहुंचा, तो उन्होंने उसके दुख का कारण जानकर उसे आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का विधिवत व्रत करने की सलाह दी। ऋषि ने बताया कि इसी व्रत से उसके पाप नष्ट हो सकते हैं और उसे मुक्ति मिल सकती है।
योगिनी एकादशी व्रत से मिली मुक्ति
हेममाली ने पूर्ण श्रद्धा से योगिनी एकादशी का व्रत किया। परिणामस्वरूप उसका कोढ़ रोग समाप्त हो गया और वह पुनः अपने दिव्य स्वरूप में लौट आया। उसे स्वर्ग में फिर से स्थान प्राप्त हुआ।
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भगवान श्रीकृष्ण ने बताया व्रत का महत्व
मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने योगिनी एकादशी के महत्व को बताते हुए कहा था कि इस व्रत का पालन और इसकी कथा का श्रवण करने से व्यक्ति को 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही यह व्रत सभी प्रकार के पापों का नाश करता है।

