
Lord Shiva Worship: भगवान भोलेनाथ की पूजा करने के बाद अक्सर लोग शिवलिंग के सामने 3 बार ताली बजाते हैं. क्या आपके जेहन में भी सवाल आता है कि आखिर शिव भक्त 3 बार ताली क्यों बजाते हैं. आपके इस सवाल का जवाब हम इस लेख में देंगे. भगवान शिव पर एक लोटा जल अर्पित करने मात्र से भोलेनाथ भक्तों की सारी परेशानियों को दूर कर देते हैं. वहीं भोलेनाथ के भक्त पूजा में बेल पत्र, शहद, दही समेत कई चीजें भगवान शिव को अर्पित करते हैं. क्या आप जानते हैं शिवलिंग के आगे 3 बार ताली बजाने से भगवान शिव सारी मनोकामना को पूरा कर देते हैं. आइए जानते हैं शिवलिंग और 3 ताली का क्या संबंध है.
3 बार ताली बजाना
भगवान शिव के आगे 3 बार ताली बजाना बेहद खास होता है. 3 बार ताली बजाने के बारे में बहुत ही कम लोगों को पता होगा. चलिए जानते हैं तीन बार ताली क्यों बजाई जाती है.
शिव महापुराण के अनुसार,
शंकर मंदिर में तीन बार ताली बजाने का नियम है।
पहली ताली:
भगवान शिव के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए।
दूसरी ताली:
अपनी मनोकामना, कष्टों और दुखों के निवारण के लिए याचना करने के लिए।
तीसरी ताली:
भगवान से आशीर्वाद और कृपा बनाए रखने के लिए प्रार्थना करने के लिए।
ताली बजाने का सही समय
मंदिर में किसी भी समय जाकर भगवान शिव के सामने 3 ताली नहीं बजानी चाहिए. 3 ताली बजाने का सही समय होता है. सुबह 7 से 11 बजे तक के समय भगवान शिव की पूजा के दौरान ताली बजाना चाहिए. यादि पर 12 बजे पूजा करने जाते हैं तो उस समय ताली नहीं बजानी चाहिए. माना जाता है की वह समय भगवान के विश्राम का समय होता है.
रावण ने बजाई थी ताली
पौराणिक कथा के अनुसार लंकापति रावण भगवान शिव के भक्त थे. रावण ने भगवान शिव की पूजा के बाद 3 बार ताली बजाई थी. माना गया है कि भोलेनाथ की पूजा के बाद ताली बजाने से उसे लंका का राजपाट मिला था. ऐसे में भक्त अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए पूजा करने के बाद 3 बार ताली बजा सकते हैं.
कृष्ण जी ने तीन ताली बजाकर मांगी थी संतान
भगवान श्रीकृष्ण के अनेकों पटरानी थी लेकिन भगवान श्रीकृष्ण को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही थी. जिसके बाद उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधि विधान से पूजा अर्चना की तथा 3 बार ताली बजाकर महादेव से संतान प्राप्ति हेतु प्रार्थना की. जिस समय रामेश्वरम में भगवान महादेव की स्थापना श्रीराम कर रहे थे, उस समय उन्होंने भी 3 बार ताली बजाकर भगवान महादेव के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी और राम सेतु के सफल निर्माण के लिए मनोकामना मांगी थी.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Dainik Savera इसकी पुष्टि नहीं करता है .
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