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अभिनेत्री अनु अग्रवाल ने महिला दिवस से पहले कहा, कॉस्मेटिक सजर्री के चक्कर में न पड़ें महिलाएं

मुंबई: फिल्म आशिकी में अभिनय के लिए जाने जानी वाली अभिनेत्री अनु अग्रवाल महिला दिवस से पहले कॉस्मेटिक सजर्री के बजाय आत्म-प्रेम की वकालत करती नजर आईं।

1990 के दशक में आशिकी से रातोंरात सनसनी बनीं अभिनेत्री एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं, जिसमें उन्हें चेहरे के साथ कई चोटें आईं। इन चोटों से उबरने में उन्हें काफी समय लगा।

इन सबके बाद अभिनेत्री को अपने बदले हुए रूप के लिए सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन अभिनेत्री ने खुद को वैसे ही स्वीकार किया, जैसी वह थीं।

महिला दिवस से पहले अनु ने महिलाओं के लिए एक मैसेज शेयर किया, जिसमें उन्होंने जीवन बदलने वाली दुर्घटना के बाद उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात की।

उन्होंने कहा, ‘जीवन बदलने वाली दुर्घटना और अपने लुक को लेकर ट्रोल का सामना करने के बाद भी मैं आत्म-स्वीकृति पर जोर देती हूं और हमेशा खुद को स्वीकार करती हूं कि मैं जैसी हूं, वैसी ही दिखूं।‘

अभिनेत्री ने कभी भी कॉस्मेटिक सजर्री पर विचार नहीं किया है, उन्होंने महिलाओं से आत्म-प्रेम को प्राथमिकता देने और संभावित जोखिम भरे कॉस्मेटिक उपचारों से परहेज करने का आग्रह किया है।

ऐसी प्रक्रियाओं की बढ़ती लोकप्रियता और संबंधित जोखिमों के बारे में कम होती जागरूकता पर चिंता व्यक्त करते हुए अनु ने कहा, ‘आज की महिलाओं को आत्म-प्रेम को प्राथमिकता देनी चाहिए और जोखिम भरे कॉस्मेटिक उपचारों से बचना चाहिए। दुर्भाग्य से ये चीजें अधिक लोकप्रिय हो रही हैं। इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग आज यह तय कर रही है कि महिलाओं को कैसी दिखनी चाहिए और इसलिए 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से बोटॉक्स करने का आग्रह किया जा रहा है और महिलाएं इससे जुड़े जोखिमों के बारे में कम चिंतित हैं।’

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