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‘भाई बोझ नहीं होता,’ राजू पर प्यार लुटाते हुए अनुपम खेर ने लिखी नई कविता

Anupam Kher poem for brother Raju

Anupam Kher poem for brother Raju

हिंदी सिनेमा में अपनी 550वीं फिल्म की शूटिंग कर रहे अभिनेता अनुपम खेर असल जिंदगी में भी सिंपल लाइफ जीते हैं और अपने परिवार के बहुत करीब हैं।

सोशल मीडिया पर वे अक्सर अपनी मां दुलारी, भाई राजू और भाभी के साथ मजेदार वीडियो पोस्ट करते हैं। अब अभिनेता ने कविता की पंक्तियों के जरिए अपने भाई राजू पर प्रेम बरसाया है। ये कविता सिर्फ उनके भाई राजू के लिए नहीं बल्कि हर उस भाई के लिए है, जिसने विषम परिस्थितियों में बिना कुछ सोचे-समझे अपने भाई की मदद की है।

अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी और राजू की पुरानी फोटो शेयर की है, जिसमें दोनों दिखने में एक दूसरे की परछाई दिख रहे हैं। फोटो के साथ उन्होंने वीडियो भी पोस्ट किया है। वीडियो में अनुपम खेर कहते हैं, “भाई बोझ नहीं होता, गिर जाए तो उठा लो, थक जाए तो सहारा दो, गलती हो जाए तो माफ कर दो, क्योंकि भाई-भाई है, बोझ नहीं होता। भाई साथ है तो पीठ सूनी नहीं रहती, भाई हिम्मत है, ढाल है, और दोस्त है।”

अभिनेता की नई कविता में भाई को दूसरे पिता का दर्जा दिया गया है। वीडियो शेयर कर अभिनेता ने लिखा, “भाई भाई होता है, भाई बोझ नहीं होता! ये चंद पंक्तियां दुनिया के तमाम भाइयों के लिए हैं, और खासकर मेरे अपने भाई राजू के लिए! जय हो!”

अनुपम खेर और राजू खेर दोनों का रिश्ता बहुत करीबी है। दोनों ने ही हिंदी सिनेमा में पहचान बनाने की राह चुनी। अनुपम खेर सिनेमा में छा गए, जबकि राजू खेर लंबे समय तक सिनेमा में टिक नहीं पाए। उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग के साथ-साथ फिल्मों का निर्देशन भी किया और ‘गुलाम’, ‘ओम जय जगदीश’, और ‘क्रिश 3’ जैसी फिल्मों में काम किया। आज अनुपम खेर सारा घर संभालते हैं और अपने भाई राजू के भी खर्चे उठाते हैं।

उन्होंने कई बार वीडियो में इस बात का जिक्र किया है कि वे राजू को खर्चे के लिए पैसे देते हैं और उन्हें गर्व है कि वे अपने परिवार को चलाने में मदद कर पा रहे हैं। अभिनेता ने भी साफ किया है कि वे घर से दूर रहते हैं और मां दुलारी का ध्यान राजू और उनकी पत्नी ही रखते हैं। यही वजह है कि परिवार में इतना प्यार और सहयोग बना हुआ है।

 

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