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अर्जुन बिजलानी ने टीवी इंडस्ट्री के वर्किंग आवर्स पर उठाए सवाल

Arjun Bijlani

Arjun Bijlani

टीवी की दुनिया बाहर से जितनी ग्लैमरस और रंगीन दिखती है, अंदर से उतनी ही तनाव और दबाव से भरी होती है। दर्शक रोज अपने पसंदीदा कलाकारों को स्क्रीन पर मुस्कुराते हुए देखते हैं, लेकिन उनके लंबे काम के घंटे, थकान और मानसिक दबाव के बारे में कम ही लोग जानते हैं। घंटों चलने वाली शूटिंग, लगातार काम और निजी जिंदगी के लिए बेहद कम वक्त, यह सब टीवी कलाकारों की रोजमर्रा की हकीकत है।

इसी मुद्दे पर छोटे पर्दे के मशहूर अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने खुलकर बात की और बताया कि टीवी इंडस्ट्री में काम करना वास्तव में कितना चुनौतीपूर्ण होता है।

अर्जुन बिजलानी का कहना है कि टीवी में लंबे वर्किंग आवर्स कलाकारों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल हैं। उन्होंने बताया कि भले ही कागजों में 12 घंटे की शिफ्ट लिखी होती है, लेकिन हकीकत में पूरा दिन काम में ही निकल जाता है। शूटिंग के साथ-साथ सेट तक आने-जाने का वक्त, मेकअप और कई बार ओवरटाइम भी जुड़ जाता है, जिससे काम के घंटे काफी बढ़ जाते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी कलाकार की शूटिंग सुबह 9 बजे शुरू होती है, तो उसे सुबह 7 बजे उठना पड़ता है और 8 बजे तक घर से निकलना जरूरी होता है। खासतौर पर महिला कलाकारों को कई बार और भी जल्दी सेट पर बुलाया जाता है, क्योंकि उन्हें तैयार होने में ज्यादा समय लगता है। इससे उनका दिन और लंबा हो जाता है।

अर्जुन ने आगे बताया कि शूटिंग अक्सर रात 9 बजे तक चलती है और कई बार इससे भी देर हो जाती है। शूट खत्म होने के बाद मेकअप उतारना, कपड़े बदलना और फिर ट्रैफिक से जूझते हुए घर लौटना अपने आप में एक अलग थकान होती है। कई बार कलाकार काफी देर रात घर पहुंचते हैं, जब शरीर पूरी तरह जवाब दे चुका होता है।

उन्होंने कहा कि सबसे मुश्किल बात यह होती है कि अगले दिन फिर वही दिनचर्या दोहरानी पड़ती है। शरीर को पूरा आराम मिले बिना ही दोबारा काम पर निकलना पड़ता है। लगातार ऐसा होने से मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ती जाती है, जिसका असर धीरे-धीरे सेहत पर भी दिखने लगता है।

अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अर्जुन बिजलानी ने बताया कि एक वक्त ऐसा भी था जब तय समय से कहीं ज्यादा काम करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा लगता था जैसे 30 दिनों के महीने में 35 दिन काम किया हो। वह दौर मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद थकाने वाला था। हालांकि, अब हालात पहले से कुछ बेहतर हुए हैं। पहले शूटिंग 14, 15 और 18 घंटे तक चलती थी, जबकि अब ज्यादातर प्रोड्यूसर्स कोशिश करते हैं कि काम 12 घंटे के भीतर ही पूरा हो जाए।

जब उनसे 8 घंटे की शिफ्ट को लेकर सवाल किया गया, तो अर्जुन ने साफ कहा कि तकनीकी रूप से यह संभव नहीं है। उनका कहना है कि जब कोई शो हफ्ते के सातों दिन ऑन एयर होता है, तो इतने कम समय में काम पूरा करना मुश्किल हो जाता है।

अर्जुन बिजलानी के मुताबिक, अगर काम के घंटे घटाकर 8 कर दिए जाएं, तो शो की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। दर्शकों तक अच्छा और मजबूत कंटेंट पहुंचाने के लिए कलाकारों और पूरी टीम को करीब 12 घंटे काम करना ही पड़ता है। ऐसे में काम और सेहत के बीच सही संतुलन बनाना सबसे ज्यादा जरूरी है।

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