गोडे गोडे चा 2 नेशनल अवॉर्ड विजेता ओरिजिनल की कहानी को आगे बढ़ाती है, दर्शकों को एक बार फिर लौटाती है हंसी, परंपराओं और सार्थक सामाजिक टिप्पणी से भरी दुनिया में। इस बार कहानी का केंद्र है—शादी के उत्सवों की बागडोर महिलाएं अपने हाथ में लेती हैं, सदियों पुराने नियमों को चुनौती देती हैं और पुरुषों को उनके पारंपरिक किरदारों में मज़ेदार और अप्रत्याशित ढंग से ढाल देती हैं।
फ़िल्म में एमी विर्क, तान्या, गिताज़ बिंद्राखिया, गुरजैज़, निर्मल ऋषि, निकीत ढिल्लों और सरदार सोही मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म जेंडर सहअस्तित्व की खोज करती है, साथ ही दिल को छू लेने वाले हास्य, पारिवारिक ड्रामा और उत्सव के पलों को बुनती है।
एमी विर्क कहते हैं “इस फ़िल्म का हिस्सा बनना मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। कहानी में ढेर सारे कॉमिक ट्विस्ट हैं, लेकिन साथ ही एक सार्थक संदेश भी है। किरदारों का बदलना, लड़खड़ाना और इस नए सेटअप में ढलना मेरे लिए बतौर अभिनेता मज़ेदार और चुनौतीपूर्ण दोनों था। सेट पर जो ऊर्जा थी, वो संक्रामक थी और मैं बेताबी से इंतज़ार कर रहा हूँ कि दर्शक इस हंसी और भावनाओं से भरी रोलरकोस्टर राइड का मज़ा लें।”
तान्या जोड़ती हैं— “यह फ़िल्म कई मायनों में सशक्तिकरण दिखाती है। इसमें खूबसूरती से दिखाया गया है कि पुरुष और महिलाएं बराबरी के साथ कैसे आगे बढ़ सकते हैं, ज़िम्मेदारियों को निष्पक्ष और संतोषजनक तरीक़े से बांट सकते हैं और परंपराओं को आपसी सम्मान के साथ नए रूप में जी सकते हैं। यह किसी एक के ऊपर होने की बात नहीं है, बल्कि कंधे से कंधा मिलाकर चलने और अलग तरीक़े से मिलकर ख़ुशी खोजने की बात है। यही हमारा फ़िल्म का असली संदेश है।”
निर्देशक विजय कुमार अरोड़ा बताते हैं— “सीक्वल में हमने हास्य और भावनाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। यह कहानी सहअस्तित्व और आपसी सम्मान का जश्न मनाती है, यह दर्शाती है कि परंपराएँ अपनी मूल भावना को खोए बिना भी विकसित हो सकती हैं। इस जीवंत और प्रामाणिक माहौल में कलाकारों को अपने किरदारों को जीते देखना मेरे लिए रचनात्मक आनंद से कम नहीं था।”
गोडे गोडे चा 2 ज़ी स्टूडियोज़ और वीएच एंटरटेनमेंट द्वारा प्रोड्यूस और जगदीप सिद्धू द्वारा लिखी गई है। फ़िल्म 21 अक्टूबर 2025 को त्योहारी सीज़न में रिलीज़ होगी, जो दर्शकों को हंसी, जश्न और समानता पर गहन चिंतन का तोहफ़ा देने का वादा करती है।

