Last Updated: October 25, 2026

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Jacqueline Fernandez: MCOCA केस में आरोपी बनाने की मांग पर दिल्ली कोर्ट सख्त, पुलिस से जवाब तलब

September 7, 2026

Jacqueline Fernandez: MCOCA केस में आरोपी बनाने की मांग पर दिल्ली कोर्ट सख्त, पुलिस से जवाब तलब

Jacqueline Fernandez: बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के कथित वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग केस में अब उन्हें मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) के तहत भी आरोपी बनाए जाने की मांग सामने आई है। इसको लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से इस मामले में जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

बता दें कि जैकलीन फर्नांडिस 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले से आरोपी हैं। मई 2026 में दिल्ली की अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। दूसरी ओर, इसी मामले से जुड़े जबरन वसूली और मकोका केस में सुकेश चंद्रशेखर समेत अन्य आरोपियों पर आरोप तय किए जा चुके हैं। हालांकि, उस समय सामने आई कोर्ट की रिपोर्टों में जैकलीन को मकोका केस में आरोपी बनाए जाने की जानकारी नहीं थी।

अब दाखिल की गई नई याचिका में अदालत से जैकलीन को भी मकोका मामले में आरोपी बनाने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस आवेदन पर दिल्ली पुलिस का जवाब मांगा है। 15 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में पुलिस अपना पक्ष रखेगी, जिसके बाद कोर्ट इस मांग पर आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला करेगा।

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इस पूरे मामले की शुरुआत सुकेश चंद्रशेखर पर लगाए गए 200 करोड़ रुपये की कथित जबरन वसूली के आरोपों से हुई थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जेल में रहते हुए सुकेश ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से कथित तौर पर संपर्क किया था। आरोप है कि उसने खुद को एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में पेश किया और अदिति सिंह को उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने के साथ कानूनी मदद दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने उनसे बड़ी रकम की मांग की। अदिति सिंह की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि सुकेश जेल के अंदर से ही एक संगठित नेटवर्क संचालित कर रहा था। आरोप है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से पैसों की वसूली की जाती थी। जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए। इसके बाद केस में मकोका की धाराएं जोड़ी गईं। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि सुकेश और उसके सहयोगी मिलकर एक संगठित अपराध सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे थे।

कथित अपराध से जुड़ी रकम की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी अलग से मनी लॉन्ड्रिंग का केस शुरू किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि अपराध से हासिल पैसों का इस्तेमाल महंगे सामान खरीदने और दूसरी सुविधाओं पर किया गया। इसी जांच के सिलसिले में जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी सामने आया। ईडी के मुताबिक, सुकेश ने अभिनेत्री को महंगे गिफ्ट के अलावा कई अन्य सुविधाएं भी दी थीं और उन्हें कथित अपराध से हासिल रकम से लाभ मिला था। हालांकि, जैकलीन लगातार इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखती आई हैं। उनका कहना है कि उन्हें सुकेश की आपराधिक गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वह खुद उसके धोखे का शिकार हुई थीं।

जुलाई 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जैकलीन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने ईडी की कार्रवाई और अपने खिलाफ दर्ज मामले को समाप्त करने की मांग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया था कि जैकलीन ने अपराध किया है या नहीं, इसका फैसला ट्रायल के दौरान निचली अदालत में पेश होने वाले सबूतों के आधार पर किया जाएगा।

इसके बाद मई 2026 में पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। इस मामले में राहत पाने के लिए जैकलीन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। हालांकि, जून 2026 में उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली। साथ ही उन्होंने कानून के तहत उपलब्ध दूसरे उचित विकल्प अपनाने की अनुमति मांगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

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