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Met Gala में Janhvi Kapoor ने भारतीय डिज़ाइनर्स का किया समर्थन, कहा, “हमारे कारीगरों को भी…

एंटरटेनमेंट डेस्क: 2025 के मेट गाला में, जहां ग्लैमर और फैशन का एक अलग ही माहौल था, बॉलीवुड की स्टार जान्हवी कपूर ने भारतीय कला और संस्कृति की शक्ति को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया। इस मौके पर, जहां भारतीय सेलेब्रिटीज़ ने अपने शानदार फैशन सेंस और पहचान से मेट गाला की चमक में एक नई चमक जोड़ी, वहीं जान्हवी ने मेट गाला के मंच पर भारतीय उपस्थिति को लेकर उठ रहे विवादों का जमकर जवाब दिया।

#”हमारे कारीगरों और डिज़ाइनर्स को मिलनी चाहिए वैश्विक पहचान”

जान्हवी कपूर ने उन लोगों को तीखा जवाब दिया, जो मेट गाला में भारतीय सेलेब्रिटीज़ की उपस्थिति को लेकर ‘चांदीवालिफिकेशन’ जैसी टिप्पणियाँ कर रहे थे। उनका कहना था कि यह टिप्पणी उपनिवेशवादी सोच का प्रतीक है, जो अब तक भारतीय शिल्पकला और फैशन को वैश्विक मंच पर उचित पहचान नहीं देने के लिए जिम्मेदार है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में लिखा, “अब समय आ गया है कि हमारे कारीगर और डिज़ाइनर जो दुनिया के सबसे बेहतरीन हैं, उन्हें भी वैश्विक मंच पर वो पहचान मिले, जिसके वे हकदार हैं। हमारे आइकॉन्स को भी ये पहचान मिलनी चाहिए।”

#भारत की शिल्पकला की समृद्ध विरासत

जान्हवी ने अपनी बातों में भारतीय शिल्पकला और फैशन की समृद्ध विरासत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे देश के कारीगरों का काम दशकों से दुनिया भर में निर्यात किया जाता रहा है, लेकिन उन्हें श्रेय कभी नहीं दिया गया। हमारी कढ़ाई, हमारे वस्त्र, हमारे गहने — इन सबको अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिना हमारी पहचान के प्रस्तुत किया जाता है।”

उनका मानना था कि भारतीय फैशन और कला को ‘क्लासिस्ट’ और ‘उपनिवेशवादी मानसिकता’ से ऊपर उठकर सही तरीके से सराहा जाना चाहिए।

#भारत की बढ़ती उपस्थिति और गर्व

2025 के मेट गाला में भारतीय शैलियों और कलाकारों की बढ़ती उपस्थिति ने भारतीय फैशन और संस्कृति को वैश्विक मान्यता दिलाई। शाहरुख़ ख़ान ने मेट गाला में भाग लेने वाले पहले भारतीय पुरुष अभिनेता बनने का ऐतिहासिक अवसर प्राप्त किया, जबकि कियारा आडवाणी गर्भवती होने के बावजूद रेड कार्पेट पर चलने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। दिलजीत दोसांझ ने अपनी महाराजा से प्रेरित लुक से सभी का ध्यान आकर्षित किया, और प्रियंका चोपड़ा जोनस ने अपनी पांचवीं उपस्थिति दर्ज की।

#जान्हवी ने अपनी पोस्ट में कहा,

“मुझे गर्व है कि हमारे लोग अब हमारे शिल्प और विरासत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जब मैंने मेट पर हमारे कलाकारों और परिधानों को देखा, तो मुझे गर्व और आत्मीयता का अहसास हुआ, और यह अनुभव और भी जादुई हो गया।”

जान्हवी कपूर की यह टिप्पणी भारतीय संस्कृति और फैशन को वैश्विक मंच पर सही स्थान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने न केवल भारतीय फैशन को दुनिया के सामने रखा, बल्कि यह भी दिखाया कि हमारा सांस्कृतिक धरोहर अब किसी से कम नहीं। 2025 के मेट गाला ने भारत के लिए एक नया युग शुरू किया, जहां भारतीय कारीगरों, डिज़ाइनर्स, और सेलेब्रिटीज़ का काम दुनिया भर में सराहा गया और भारतीय फैशन को एक नई पहचान मिली।

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