एंटरटेनमेंट डेस्क: मुंबई का हृदय, जहाँ इतिहास और आधुनिकता एक-दूसरे से संवाद करते हैं। वहीं लौट रहा है Kala Ghoda Arts Festival अपने 26वें संस्करण के साथ। 31 जनवरी से 8 फ़रवरी 2026 तक प्रातः 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक मुंबई का ऐतिहासिक काला घोड़ा परिसर कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का साक्षी बनेगा।

इस वर्ष की थीम Ahead of the Curve समय से एक क़दम आगे दूरदर्शिता, नवाचार और सांस्कृतिक नेतृत्व का प्रतीक है। यह उस सोच को दर्शाती है, जो वर्तमान से आगे देखकर भविष्य की दिशा तय करती है। 1999 में एक स्थानीय पहल के रूप में आरंभ हुआ। यह महोत्सव, आज भारत के सबसे प्रतिष्ठित बहु-विषयक कला उत्सवों में से एक है। ये महोत्सव सस्टेनेबिलिटी, विविधता, समावेशन और पैदल-मैत्री शहरी डिज़ाइन को बढ़ावा देते हुए काला घोड़ा क्षेत्र को मुंबई के प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में योगदान देता है।
जहाँ परंपरा और समकालीन विचार एक साझा मंच पर मिलते हैं। 300 से अधिक कार्यक्रम, 15 कला-वर्टिकल्स और 25 से अधिक इनडोर व आउटडोर स्थलों पर नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर, सिनेमा,विज़ुअल आर्ट्स, हेरिटेज वॉक्स,अर्बन डिज़ाइन, वर्कशॉप्स और स्ट्रीट आर्ट सब एक साथ।
काला घोड़ा एसोसिएशन की चेयरपर्सन एवं फ़ेस्टिवल डायरेक्टर ब्रिंदा मिलर कहती है कि काला घोड़ा आर्ट्स फ़ेस्टिवल के 26वें संस्करण की इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत करते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इस वर्ष की थीम ‘Ahead of the Curve’ हमारे लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि हम अपने सिल्वर जुबली संस्करण से भी आगे जाने का लक्ष्य रखते हैं। BMC तथा EXIM बैंक, मिल्टन, MTDC और महाराष्ट्र पर्यटन विभाग जैसे सहयोगियों के निरंतर समर्थन से हमें पूरा विश्वास है कि यह संस्करण कला प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।
काला घोड़ा आर्ट्स फ़ेस्टिवल कला को सबके लिए सबके द्वारा और सबके साथ सुलभ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है। इसी कारण सभी कार्यक्रम निःशुल्क हैं। सस्टेनेबिलिटी, समावेशन, एक्सेसिबिलिटी और पैदल-मैत्री शहरी संस्कृति ये सभी मूल्य इस उत्सव की आत्मा में निहित हैं।
यह केवल एक उत्सव नहीं, यह एक सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है। यह भविष्य को समझने और उसे रचने का प्रयास है। काला घोड़ा आर्ट्स फ़ेस्टिवल 2026 Ahead of the Curve समय से एक क़दम आगे आप सादर आमंत्रित हैं। इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक अनुभव का हिस्सा बनने के लिए। क्योंकि कला, जब आगे देखती है। तभी समाज आगे बढ़ता है।