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नेशनल फिल्म अवॉर्ड में ‘कांतारा’ ने रचा इतिहास, भूषण कुमार को राष्ट्रपति मुर्मू से मिला राष्ट्रीय सम्मान

एंटरटेनमेंट डेस्क: श्रीकांत बोला के अनोखे सफर को पर्दे पर लाने से लेकर इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े स्टेज में से एक पर सम्मानित होने तक, ‘श्रीकांत’ ने आज बहुत गर्व का पल दिखाया, क्योंकि फिल्म को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट हिंदी फिल्म का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।

यह खास सम्मान भारत की माननीय प्रेसिडेंट श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने गुजरात के केवडिया के एकता नगर में हुए ऑफिशियल अवॉर्ड सेरेमनी में दिया। प्रोड्यूसर भूषण कुमार और डायरेक्टर तुषार हीरानंदानी ‘श्रीकांत’ के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड लेने के लिए स्टेज पर आए, जो फिल्म और इसकी पूरी टीम के सफर में एक अहम पड़ाव है।

प्रोड्यूसर भूषण कुमार ने कहा, “‘श्रीकांत’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिलना बहुत गर्व और विनम्र पल है। जब हमने श्रीकांत बोला की कहानी बताने का फैसला किया, तो हम उनके पक्के इरादे, हिम्मत और हालात को अपने सपनों पर हावी न होने देने के उनके अंदाज़ से बहुत प्रभावित हुए। तुषार हीरानंदानी ने इस कहानी को कहने में बहुत ज़्यादा सेंसिटिविटी और पक्का यकीन दिखाया, जबकि राजकुमार राव, ज्योतिका, अलाया एफ और शरद केलकर ने अपने किरदारों को बहुत ईमानदारी से ज़िंदा किया। फिल्म को यह सम्मान मिलते देखना सच में बहुत खास है। यह पहचान पूरी टीम की है, जिन्होंने कहानी पर विश्वास किया और श्रीकांत बोला के अनोखे सफ़र को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए अपना बेस्ट दिया।”

डायरेक्टर तुषार हीरानंदानी ने कहा, “श्रीकांत बोला की ज़िंदगी सिर्फ़ मुश्किलों से पार पाने की कहानी नहीं है, बल्कि दुनिया जो सोचती है उससे भी आगे सपने देखने की हिम्मत दिखाने की कहानी है। एक फ़िल्ममेकर के तौर पर, मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूँ कि हमें उनके सफ़र को स्क्रीन पर लाने का मौका मिला। भारत के माननीय राष्ट्रपति से नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड मिलना एक ऐसा पल है जिसे मैं ज़िंदगी भर याद रखूँगा। यह सम्मान श्रीकांत बोला को और उनकी कहानी में दिखाए गए विश्वास, लगन और जज़्बे को एक ट्रिब्यूट है।”

प्रोड्यूसर निधि परमार हीरानंदानी ने कहा, “मेरे लिए, ‘श्रीकांत’ बनाने का सबसे अच्छा हिस्सा यह देखना रहा है कि ऑडियंस फ़िल्म और श्रीकांत बोला के सफ़र से कितनी गहराई से जुड़ी। ऐसी कहानियाँ हमें सिनेमा की ताकत की याद दिलाती हैं कि वह हमें खास ज़िंदगी से मिलवाती है और हमें आगे ले जाने के लिए कुछ देती है। यह नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड उस सफ़र की एक खूबसूरत पहचान है, और मैं उन सभी का बहुत शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने इस फ़िल्म को मुमकिन बनाया।”

इंडस्ट्रियलिस्ट श्रीकांत बोला की शानदार ज़िंदगी और कामयाबियों से इंस्पायर्ड, ‘श्रीकांत’ पक्के इरादे, हिम्मत और सीमाओं से परे विश्वास करने की ताकत को सेलिब्रेट करती है। इस फ़िल्म ने देश भर के दर्शकों के सामने उनकी इंस्पायरिंग जर्नी को दिखाया, जिसमें दिखाया गया कि कैसे उनके विज़न और पक्के इरादे ने उन्हें मुश्किलों से पार पाने और अपने लिए एक अनोखा रास्ता बनाने में काबिल बनाया।

नेशनल अवॉर्ड फ़िल्म के लिए एक और बड़ा माइलस्टोन है, जो एक ऐसी कहानी के तौर पर इसके असर को सेलिब्रेट करता है जो देश भर के दर्शकों को इंस्पायर करती रहती है।

फ़िल्म के बारे में:
गुलशन कुमार और टी-सीरीज़ प्रेज़ेंट करते हैं टी-सीरीज़ फ़िल्म्स और चॉक एन चीज़ फ़िल्म्स प्रोडक्शन LLP, ‘श्रीकांत – आ रहा है सबकी आँखें खोलने’ को तुषार हीरानंदानी ने डायरेक्ट किया है, इसे भूषण कुमार, कृष्ण कुमार और निधि परमार हीरानंदानी ने प्रोड्यूस किया है और शिव चानना ने को-प्रोड्यूस किया है।

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