एंटरटेनमेंट डेस्क (फरीद शेख): मां बहन एक डार्क कॉमेडी फिल्म है, जिसकी कहानी रेखा (माधुरी दीक्षित) और उनकी दो अलग हो चुकी बेटियों जया (तृप्ति डिमरी) और सुषमा (धारणा दुर्गा) के इर्द-गिर्द घूमती है। कई सालों बाद जब यह परिवार फिर से एक साथ आता है, तो हालात अचानक तब बिगड़ जाते हैं जब उनके घर की रसोई में मोहल्ले के एक पंडित की अचानक मौत हो जाती है।
यह डार्क कॉमेडी फिल्म, जिसे [Netflix] ने रिलीज़ किया है, आखिरकार 4 जून को दर्शकों के सामने आ गई है। निर्देशक Suresh Triveni के निर्देशन में बनी यह फिल्म भरपूर मनोरंजन का वादा करती है। दरअसल, इसे सिर्फ मनोरंजन कहना भी शायद कम होगा! अगर आपको लगता था कि Madhuri Dixit केवल सधी हुई और गंभीर स्ट्रीमिंग ड्रामा फिल्मों तक ही सीमित रहेंगी, तो यह फिल्म आपकी सोच पूरी तरह बदल सकती है।
मां बहन की जान तृप्ति डिमरी का दमदार अभिनय है। उन्होंने जया के किरदार को सिर्फ निभाया नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह जी लिया है, और यही वजह है कि उनके कई दृश्य फिल्म खत्म होने के बाद भी याद रह जाते हैं।
“मां बहन” आज के समाज की सोच पर तीखा व्यंग्य भी है। फिल्म यह दिखाती है कि जब कोई महिला अकेले अपने दम पर जिंदगी जीने की कोशिश करती है, तो समाज उसके बारे में कितनी जल्दी राय बना लेता है। अफवाहें, ताने, बिना सच जाने किए गए फैसले और लोगों की संकीर्ण सोच फिल्म के कई दृश्यों में सामने आती है।
कहानी एक असामान्य पारिवारिक स्थिति के जरिए आगे बढ़ती है, लेकिन इसकी असली ताकत उन सामाजिक मुद्दों में छिपी है जिन्हें यह हल्के-फुल्के लेकिन प्रभावी अंदाज में उठाती है। फिल्म यह सवाल पूछती है कि आखिर क्यों महिलाओं को हर कदम पर समाज की कसौटी पर खरा उतरना पड़ता है, जबकि उनके बारे में फैलने वाली अफवाहों को बिना जांचे-परखे सच मान लिया जाता है।
तृप्ति डिमरी ने मां बहन में शानदार अभिनय किया है और कई दृश्यों में फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरती हैं। खासकर वह सीन, जिसमें जया अपने पति मानस पर अपना वर्षों का दबा हुआ गुस्सा निकालती है, बेहद प्रभावशाली बन पड़ा है। उस पल में तृप्ति सिर्फ संवादों से नहीं, बल्कि अपने हाव-भाव, आंखों के भाव और बॉडी लैंग्वेज से किरदार की पीड़ा, निराशा और आक्रोश को महसूस कराती हैं।
जया के किरदार की भावनात्मक जटिलताओं को तृप्ति ने बड़ी सहजता और ईमानदारी से पर्दे पर उतारा है। वह जहां जरूरत पड़ने पर दर्शकों को हंसाती हैं, वहीं गंभीर और भावुक दृश्यों में भी पूरी तरह प्रभाव छोड़ती हैं। उनकी परफॉर्मेंस में आत्मविश्वास और परिपक्वता साफ दिखाई देती है।

मां बहन एक ऐसी फिल्म है जो मनोरंजन के साथ-साथ समाज के सामने एक महत्वपूर्ण आईना भी रखती है। निर्देशक Suresh Triveni ने डार्क कॉमेडी के माध्यम से महिलाओं के प्रति समाज की सोच, अफवाहों की संस्कृति और पारिवारिक रिश्तों की जटिलताओं को संवेदनशीलता और प्रभाव के साथ प्रस्तुत किया है। उनकी कहानी कहने की शैली फिल्म को अंत तक दिलचस्प बनाए रखती है।
अभिनय की बात करें तो Madhuri Dixit, Triptii Dimri और Dharna Durga तीनों ने बेहतरीन काम किया है, लेकिन तृप्ति डिमरी अपने भावनात्मक और दमदार प्रदर्शन से सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। उनके किरदार का दर्द, गुस्सा और संघर्ष दर्शकों तक पूरी सच्चाई के साथ पहुंचता है।
यह फिल्म खास तौर पर हर महिला को देखनी चाहिए, क्योंकि यह उन चुनौतियों, पूर्वाग्रहों और सामाजिक दबावों को सामने लाती है जिनका सामना आज भी कई महिलाएं करती हैं। साथ ही, पुरुष दर्शकों के लिए भी यह समाज की सोच पर विचार करने का एक अवसर है।
दैनिक सवेरा टाइम्स की ओर से मां बहन को 5 में से 4 स्टार। ★★★★☆
एक मनोरंजक, विचारोत्तेजक और दमदार फिल्म, जो हंसाते-हंसाते एक गहरा संदेश दे जाती है।
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