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बेटी से ज्यादा दूर न हो इसीलिए Alia Bhatt के लिए महबूब स्टूडियो में क्रिएट किया गया कोलकाता शहर!

August 19, 2023

बेटी से ज्यादा दूर न हो इसीलिए Alia Bhatt के लिए महबूब स्टूडियो में क्रिएट किया गया कोलकाता शहर!

मुंबई : एक्ट्रेस आलिया भट्ट पूरी कोशिश करती हैं कि ज्यादा से ज्यादा वक्त वो सेट पर रहकर काम कर सके गर्भावस्था से लेकर बेटी को जन्म देने तक के सफर में आलिया के पास काम की झड़ी लगी हुई थी। इसीलिए माँ बनने के कुछ वक्त के बाद आलिया ने काम करना शुरू कर दिया और बेटी से ज्यादा दूर न हों इसीलिए आलिया के लिये बांद्रा में उनके घर के बगल में स्थित महबूब स्टूडियो में कोलकाता शहर बनाया गया और शूट किया गया आलिया का पसंदीदा ऐड।

लूसिफ़ेर सर्कस के संस्थापक और एक्टर गौरव चनाना, की प्रोडक्शन हाउस इस साल की सबसे बड़ी पेशकश लेकर आई हैं। जी हाँ, एक प्रसिद्ध हेयर केयर ब्रांड जिससे 13 साल तक विद्या बालन जुड़ी हुई थी अब उसकी जगह दिखेगा आलिया भट्ट का चेहरा। लूसिफ़ेर सर्कस की आलिया के साथ ये पहली ऐड फ़िल्म हैं जो लोगों को काफी पसंद आ रही हैं। निहार शांति आमला के इस ऐड में आलिया बेहद खूबसूरत और उनकी बालों की सुंदरता कमाल की लग रही हैं।

इस ऐड को प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, अभिषेक वर्मन द्वारा निर्देशित किया हैं। ऐड शूट करते वक़्त इस बात का ध्यान दिया गया था कि आलिया मुंबई में अपने घर के आस पास शूट कर सके ताकि जब जरूरत हो वो अपनी बेटी के पास पहुच सके इसीलिए बांद्रा के महबूब स्टूडियो में इस ऐड का सेट बनाया गया और पूरा फील कोलकाता का रखा गया ताकि सिनेमाई रूप से कोलकाता के सार और आकर्षण को दर्शाया जा सके।

इस प्रोजेक्ट के पीछे के दूरदर्शी निर्माता गौरव चानना को यकीन है कि यह विज्ञापन अभियान, जिसमें ब्रांड एंबेसडर के रूप में आलिया भट्ट हैं, हेयर केयर उद्योग में लहर लाने के लिए काफी है। सम्मोहक कहानी कहने और भावपूर्ण धुनों के साथ परंपरा और आधुनिकता का मिश्रण निश्चित रूप से देश भर के दर्शकों पर एक अमिट छाप छोड़ेगा। फ़ोटोग्राफ़ी के निर्देशक (डीओपी), वी. मणिकंदन ने कुशलतापूर्वक अपनी कला से आलिया भट्ट के आकर्षण और सुरम्य सेटिंग्स के सार को दर्शाते हुए विज्ञापन फिल्म को जीवंत बना दिया हैं।

इस विज्ञापन अभियान का एक उल्लेखनीय पहलू विज्ञापन के दो संस्करणों का निर्माण है, एक हिंदी में और दूसरा बंगाली में। दोनों प्रस्तुतियाँ मनमोहक धुनों से भरी हुई हैं, जो दर्शकों को उनकी भावपूर्ण धुनों और हृदयस्पर्शी कथाओं से मंत्रमुग्ध कर देती हैं। बंगाली संपादन में एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला बंगाली लोक गीत शामिल है, जो क्षेत्रीय विरासत को अपनाता है और बंगाल और उसके बाहर के दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ता है।

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