मुंबई (फरीद शेख) : रजनीश “रेज़ी” घई द्वारा निर्देशित और राजीव जी. मेनन द्वारा लिखित, जिसके डायलॉग सुनीत अरोड़ा ने लिखे हैं, 120 बहादुर एक मिलिट्री टकराव की काल्पनिक कहानी है जो इमोशन और एक्शन के बीच बैलेंस बनाती है। इस टकराव में कई जानें गईं लेकिन इसने भारत को चीन को लद्दाख में घुसने से रोकने में मदद की।
फरहान अख्तर मेजर भाटी के रोल में फिल्म को लीड कर रहे हैं और उनके साथ नए एक्टर स्पर्श वालिया अपना डेब्यू कर रहे हैं। सपोर्टिंग कास्ट में राशि खन्ना, एजाज़ खान, अजिंक्य देव, विवान भाटेना और दूसरे सीनियर ऑफिसर शामिल हैं।
चुशुल और लद्दाख के तनावपूर्ण माहौल में सेट यह कहानी मेजर भाटी की इस बात की समझ को दिखाती है कि दांव पर क्या लगा था – चुशुल हारने का मतलब था कि बाकी लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दुश्मन के कंट्रोल में आ सकते थे। यह फिल्म लगातार राइफल फायरिंग, बेयोनेट चार्ज और हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट के ज़रिए सैनिकों के रेजिस्टेंस को दिखाती है, और उन आदमियों के पक्के इरादे को उजागर करती है जिन्होंने मुश्किल हालात के बावजूद पीछे हटने से इनकार कर दिया था। 120 सैनिकों में से सिर्फ़ छह ही ज़िंदा बचे, जिससे यह लड़ाई मिलिट्री इतिहास की सबसे बहादुरी भरी आखिरी लड़ाइयों में से एक बन गई।
फरहान अख्तर, जिन्होंने रितेश सिधवानी (एक्सेल एंटरटेनमेंट) और अमित चंद्रा (हैप्पी ट्रिगर स्टूडियोज) के साथ मिलकर फिल्म का निर्माण किया है, ने मजबूत और स्थिर अभिनय किया है।हिम्मत पर बनी एक शानदार फिल्म, ‘120 बहादुर’ आम आदमियों के असाधारण जज़्बे का जश्न मनाती है।”वीरता को समर्पित एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि, ‘120 बहादुर’ जितनी प्रभावशाली है, उतनी ही प्रेरणादायक भी।
स्टार दैनिक सवेरा टाइम्स न्यूज मीडिया नेटवर्क इस फिल्म को 4 स्टार रेटिंग देता है।

