Last Updated: November 3, 2026

Dainik Savera Times Logo

दीया मिर्जा के समर्थन में उतरे मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी, कहा- ‘अभिनेत्री का अपमान होगा तो बीएमसी के कैंपेन में कौन आएगा?’

November 3, 2026

दीया मिर्जा के समर्थन में उतरे मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी, कहा- ‘अभिनेत्री का अपमान होगा तो बीएमसी के कैंपेन में कौन आएगा?’

मनोरंजन डेस्क। बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण-मुक्त दिवाली कैंपेन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर चर्चा में है। कोर्ट ने बीएमसी को दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी ने अभिनेत्री का समर्थन करते हुए बीएमसी के पहले के कदम पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि दीया मिर्जा ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए लोगों से अपील की थी। इसमें कुछ भी गलत नहीं था। ऐसे में विवाद होने के बाद सिर्फ उनका वीडियो हटाना सही नहीं था।

संजय घाड़ी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ”बीएमसी ने यह कैंपेन बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शुरू किया था। उसे कोर्ट ने आदेश दिया था कि वह प्रदूषण और पटाखों से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सेलिब्रिटीज की मदद ले। इसके लिए कलाकारों से बिना किसी फीस के वीडियो बनवाए गए। इस कैंपेन में दीया मिर्जा के अलावा माधुरी दीक्षित, क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और मराठी अभिनेत्री निशिगंधा वाड भी शामिल थीं। सभी ने लोगों से पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने की अपील की थी।”

संजय घाड़ी ने कहा, ”दीया मिर्जा ने भी दूसरे कलाकारों की तरह लोगों से शांति के साथ दिवाली मनाने और पटाखे न जलाने की अपील की थी। इसके बावजूद विवाद के बाद बीएमसी ने सिर्फ दीया का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया, जबकि बाकी कलाकारों के वीडियो मौजूद रहे। यह फैसला बेहद गलत था। दीया का वीडियो भी बाकी कलाकारों के वीडियो की तरह मौजूद रहना चाहिए था।”

डिप्टी मेयर ने अभिनेत्री के योगदान का जिक्र करते हुए कहा, ”दीया मिर्जा ने ब्यूटी कॉम्पिटिशन में खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया है। वह पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी लगातार अपनी बात रखती रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने भी उन्हें ब्रांड एंबेसडर के तौर पर जिम्मेदारी दी है। ऐसे में किसी अभिनेत्री का अपमान करना सही नहीं है। अगर सामाजिक मुद्दों पर आगे आने वाले कलाकारों को इस तरह के विवादों का सामना करना पड़ेगा, तो भविष्य में दूसरे सेलिब्रिटीज बीएमसी के जागरूकता कैंपेनों का हिस्सा बनने के लिए कैसे तैयार होंगे। मैं इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का आभारी हूं।”

दरअसल, यह पूरा विवाद बीएमसी के दिवाली से पहले शुरू किए गए कैंपेन से जुड़ा है। इसके तहत दीया मिर्जा ने अपने वीडियो में लोगों से पटाखे न जलाने और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए दिवाली मनाने की अपील की थी, लेकिन 1 नवंबर को मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने उनके वीडियो पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि लोगों को दिवाली मनाने का तरीका बताने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारी परंपराएं और संस्कृति पहले से ही मजबूत हैं। इसके बाद मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने भी दीया मिर्जा पर हिंदू विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने भी अभिनेत्री के वीडियो पर सवाल उठाए।

इन आपत्तियों के बाद बीएमसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दीया मिर्जा का वीडियो हटा दिया। हालांकि, माधुरी दीक्षित, अजिंक्य रहाणे और निशिगंधा वाड के वीडियो मौजूद रहे। वीडियो हटाए जाने के बाद दीया मिर्जा ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा था कि वायु प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय है और इसे कम करने की हर कोशिश का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि यह लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है।इसके बाद मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले पर नाराजगी जताई और बीएमसी को दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें