नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा ने एक नई दहलीज़ पर कदम रख दिया है। विश्व सिनेमा के मानचित्र पर भारत की सबसे पवित्र और गूढ़ गाथा ‘रामायण’ को अब एक नए सिनेमैटिक ब्रह्मांड के रूप में पेश किया जा रहा है। प्रख्यात निर्माता और DNEG के सीईओ नमित मल्होत्रा के नेतृत्व में बन रही ये फिल्म न केवल तकनीकी और रचनात्मक दृष्टि से क्रांतिकारी है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पुनः परिभाषित कर रही है।
रामायण: सिर्फ एक कहानी नहीं, एक युग की वापसी
लगभग 5,000 साल पुरानी इस महागाथा को पहली बार वैश्विक स्तर पर ‘रामायण: द इंट्रोडक्शन’ के नाम से लॉन्च किया गया, जो इस परियोजना की पहली झलक है। फिल्म का स्केल और विज़न हॉलीवुड के सबसे बड़े टेंटपोल प्रोजेक्ट्स जैसे Avengers और Dune की बराबरी करता है – पर आत्मा पूरी तरह भारतीय है।
कास्ट
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही यह फिल्म भारत और हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित टीमों को एक साथ लाकर एक ऐतिहासिक सिनेमैटिक कोलाबोरेशन की मिसाल बन चुकी है।
रणबीर कपूर राम के रूप में पहली बार एक दिव्य नायक के अवतार में दिखाई देंगे।
यश रावण के रूप में न केवल अभिनय करेंगे, बल्कि फिल्म के सह-निर्माता की भूमिका भी निभा रहे हैं।
साई पल्लवी सीता के किरदार में अपनी सहज सुंदरता और गहराई से नया जीवन देंगी।
सनी देओल हनुमान के अवतार में शक्ति और भक्ति दोनों का प्रतीक बनेंगे।
रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में नई ऊर्जा लेकर आएंगे।
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि पहली बार दो ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस ज़िमर और ए.आर. रहमान साथ मिलकर भारतीय पौराणिक कथा का संगीतमय पुनर्निर्माण कर रहे हैं।
-तकनीक और परंपरा का विस्मयकारी संगम
IMAX जैसे बड़े फॉर्मैट्स के लिए फिल्म को खासतौर पर डिज़ाइन किया गया है। VFX और विज़ुअल ट्रीटमेंट के लिए DNEG की टीम जिम्मेदार है, जो पहले Inception, Interstellar और Dune जैसी फिल्मों में क्रांति ला चुकी है।
फिल्म के युद्ध दृश्य हॉलीवुड के अनुभवी स्टंट मास्टर्स टेरी नोटरी और गाय नॉरिस के निर्देशन में कोरियोग्राफ किए जा रहे हैं, जिससे यह अनुभव सिर्फ एक दृश्य नहीं, बल्कि एक जीवंत युद्ध यात्रा बनेगा।
-नमित मल्होत्रा का विज़न: विरासत को सिनेमा में बदलना
नमित मल्होत्रा इस फिल्म को केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन मानते हैं। उनके अनुसार, “यह एक भारतीय की तरफ से दुनिया को दिया गया तोहफा है श्रद्धा और तकनीक का संगम।”
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर पर बिलबोर्ड टेकओवर और भारत के 9 प्रमुख शहरों में फैन स्क्रीनिंग्स के ज़रिए फिल्म का ग्लोबल इंट्रोडक्शन एक इवेंट में बदल गया ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय पौराणिक कथा को इस पैमाने पर दुनिया के सामने रखा गया।
-एक नई सिनेमाई यूनिवर्स की शुरुआत
फिल्म दो पार्ट्स में रिलीज़ होगी पहला भाग दिवाली 2026 में, और दूसरा भाग दिवाली 2027 में। यह कोई सामान्य रील कहानी नहीं होगी, बल्कि यह उस महायुद्ध की जीवंत व्याख्या है जो अच्छाई और बुराई के बीच हमेशा से चली आ रही है।
नितेश तिवारी कहते हैं, “रामायण सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आत्मा से जुड़ी कथा है। इसे नए दौर की भाषा में बताना ज़िम्मेदारी भी है और सौभाग्य भी।”

