एंटरटेनमेंट डेस्क : रिलायंस समूह के समर्थन से चलने वाला भारत का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियो जियो स्टूडियोज़ अब हाथ मिला रहा है सिख्या एंटरटेनमेंट के साथ, जो भारत के सबसे ज़्यादा पहचाने जाने वाले और सम्मानित प्रोडक्शन हाउसेज़ में से एक है। मकसद साफ है, ऐसी फिल्में और सीरीज़ बनाना जो भारत में भी दिल जीतें और दुनिया भर में भी अपनी छाप छोड़ें।
रिलायंस स्ट्रैटेजिक बिज़नेस वेंचर्स लिमिटेड ने आज सिख्या एंटरटेनमेंट में 50.1 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है, जिससे मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में जियो स्टूडियोज़ की पकड़ और मज़बूत हो गई है। यह साझेदारी जियो स्टूडियोज़ की विशाल पहुँच, दूरदर्शी सोच और ताकत को सिख्या की जमीनी लेकिन ग्लोबल सोच वाली कहानियों से जोड़ती है। ऐसे समय में जब भारतीय कंटेंट दुनिया भर में चर्चा का हिस्सा बन रहा है, यह गठजोड़ एक नई दिशा की ओर इशारा करता है। जियो स्टूडियोज़ ने भारतीय मनोरंजन जगत में लगातार ऐसे प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट किया है जो क्रिएटिव भी रहे हैं और कमर्शियल भी। धुरंधर, लापता लेडीज़ और स्त्री फ्रेंचाइज़ी जैसी फिल्मों के साथ जियो स्टूडियोज़ आज कंटेंट इकोनॉमी की एक बड़ी ताकत बन चुका है।
गुनीत मोंगा कपूर और अचिन जैन द्वारा स्थापित सिख्या एंटरटेनमेंट ने बीते एक दशक में यह साबित कर दिया है कि भारतीय कहानियाँ दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भी गूंज सकती हैं। सिख्या अकेला ऐसा भारतीय प्रोडक्शन हाउस है जिसने ऑस्कर अवॉर्ड और कई नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स दोनों अपने नाम किए हैं। पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस और द एलिफेंट व्हिस्परर्स जैसे ऑस्कर विजेता डॉक्यूमेंट्रीज़ से लेकर मसान, सूरराई पोत्रु और काथल जैसी नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्मों तक, सिख्या की पहचान दमदार और संवेदनशील कहानियों से बनी है। नए डायरेक्टर्स, राइटर्स और कलाकारों को मंच देना सिख्या की पहचान का अहम हिस्सा रहा है। द लंचबॉक्स, मसान, पगलैट, काथल और किल जैसी फिल्में इसकी बहुभाषी और बेखौफ सोच का सबूत हैं।
इस साझेदारी पर बात करते हुए जियो स्टूडियोज़ की प्रेसिडेंट ज्योति देशपांडे ने कहा कि सिख्या एंटरटेनमेंट ने बार-बार यह साबित किया है कि भारतीय जड़ों से निकली कहानियाँ ग्लोबल दर्शकों के दिल तक पहुँच सकती हैं। यह साझेदारी उन क्रिएटर्स के साथ जुड़ने के उनके लंबे समय के विश्वास को दर्शाती है जो रचनात्मक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक सच्चाई को साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि गुनीत की ऊर्जा और जज़्बे की वह लंबे समय से प्रशंसक रही हैं और सिख्या टीम के साथ मिलकर जियो स्टूडियोज़ भारतीय कहानियों को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुँचाने का सपना देख रहा है।
वहीं सिख्या एंटरटेनमेंट के सह संस्थापक गुनीत मोंगा कपूर और अचिन जैन ने कहा कि वे हमेशा मानते आए हैं कि कहानियों में सरहदें, भाषाएँ और संस्कृतियाँ जोड़ने की ताकत होती है। सिख्या के लिए कहानी और उसे जीवंत करने वाले लोग हमेशा केंद्र में रहे हैं। जियो स्टूडियोज़ के साथ यह साझेदारी उन्हें दुनिया भर तक पहुँचने का मौका देगी और साथ ही भारत के अलग अलग कोनों से उभरती नई प्रतिभाओं को आगे लाने में मदद करेगी। उन्होंने इस साझेदारी को एक उभरते भारत का उत्सव बताया, जो अपनी आवाज़ को लेकर आत्मविश्वासी है, अपनी कहानियों को लेकर बेझिझक है और सिनेमा के अगले अध्याय को गढ़ने के लिए तैयार है।
जैसे जैसे वैश्विक मनोरंजन मंच पर भारत की मौजूदगी मज़बूत हो रही है, यह साझेदारी इस बदलाव की ओर इशारा करती है जहाँ भारतीय कहानियाँ सिर्फ दुनिया तक पहुँच ही नहीं रही हैं, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक संवाद को भी आकार दे रही हैं।

