एंटरटेनमेंट डेस्क (फरीद शेख): प्यार… ये वो एहसास है जो न किसी ऐप का एल्गोरिदम समझ सकता है, न ही किसी फार्मूले में कैद हो सकता है। रिश्ते अक्सर वहीं बनते हैं, जहाँ हमें उनकी उम्मीद तक नहीं होती। कभी संयोग से, कभी शर्तों से और कभी बस एक छोटी-सी मुलाक़ात से। आज की तेज़-तर्रार ज़िंदगी में जहाँ डेटिंग ऐप्स और स्वाइप्स रिश्तों की परिभाषा तय करने लगे हैं, वहीं असली सवाल यही है कि क्या प्यार को वाकई किसी स्क्रीन पर खोजा जा सकता है? तो इसका सही जवाब डायरेक्टर तुषार जलोटा अपनी फिल्म परम सुंदरी के जरिए लेकर आए हैं।
प्यार की अनोखी कहानी
परम (सिद्धार्थ मल्होत्रा) दिल्ली का एक बिज़नेसमैन है, जो स्टार्टअप्स में पैसा लगाना तो जनता है लेकिन उससे मुनाफा कमाना नहीं। लेकिन जब उसे एक ऐसा ऐप बनाने का आइडिया मिलता है जो किसी का सोलमेट ढूंढ दे, तो सब कुछ बदल जाता है। अपने पापा की शर्त पूरी करने परम अपने दिल्ली के तड़क भड़क वाली दुनिया से निकलकर गांव पहुंच जाता है। और वहीं होती है उसकी मुलाक़ात सुंदरी (जान्हवी कपूर) से जो गांव की मिट्टी से जुड़ी लड़की है। अब कैसे आगे बढ़ने के साथ, आकार लेती है उनकी यह खास लव स्टोरी यह देखना दिलचस्प है।
अभिनय में दम
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने परम के किरदार को बड़ी आसानी और चार्म के साथ निभाया है। उनकी कॉमिक टाइमिंग और इमोशनल सीन दोनों ही खूब जमते हैं। लेकिन असली सरप्राइज हैं जाह्नवी कपूर। जो हां, सुंदरी के रूप में उन्होंने किरदार को सिर्फ निभाया ही नहीं बल्कि जिया भी है। उनका नैचुरल अंदाज़ और स्क्रीन प्रेज़ेंस फिल्म को खास बना देते हैं। सपोर्टिंग कास्ट में संजय कपूर के मजेदार वन-लाइनर्स और मंजीत सिंह की कॉमिक स्टाइल फिल्म को हल्का-फुल्का टच देती है। वहीं, इनायत वर्मा, रेंजी पैनिकर और सिदार्थ शंकर कहानी को और मजबूत बनाते हैं।

खूबसूरत लोकेशन और दिल छू लेने वाला संगीत
फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट शानदार है, दिल्ली की चकाचौंध से लेकर केरल की हरियाली तक हर फ्रेम खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आता है। यहां तक कि एक्टर्स के कॉस्ट्यूम्स भी फिल्म में रियल और रिलेटेबल लगते हैं। वहीं, म्यूजिक फिल्म की जान है क्योंकि हर गाने का अपना फ्लेवर है। कहीं मस्ती, कहीं रोमांस, कहीं इमोशन। हर मूड का टच गानों में महसूस होता है।
दिल को छू जाने वाली फिल्म
दिनेश विजन की मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म बताती है कि प्यार किसी ऐप या लॉजिक से नहीं, बल्कि दिल से होता है। यह फिल्म हंसाती है, भावुक करती है और प्यार का असली मतलब याद दिलाती है। ऐसे में यह इस वीकेंड देखने लायक एक प्यारी और एंटरटेनिंग लव स्टोरी है।
डायरेक्टर – तुषार जलोटा
कास्ट – सिद्धार्थ मल्होत्रा, जान्हवी कपूर, रेंजी पाणिकर, सिद्धार्थ शंकर, मनजोत सिंह, संजय कपूर, इनायत वर्मा
रनटाइम: 136 मिनट
रेटिंग – 4/5