एंटरटेनमेंट डेस्क: 25 जनवरी को पद्मावत के 8 साल पूरे होने के साथ ही संजय लीला भंसाली की यह मैग्नम ओपस आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य और भावनात्मक रूप से दमदार फिल्मों में गिनी जाती है। अपनी शानदार भव्यता, विशाल स्केल और बारीक डिटेलिंग के लिए पहचाने जाने वाले भंसाली ने पद्मावत के जरिए एक बार फिर इंडियन सिनेमा को ग्लोबल मंच पर मजबूती से पेश किया, और यही वजह है कि यह फिल्म आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है।
यह फिल्म इतिहास, कविता और भव्यता को उस अंदाज़ में एक साथ लेकर आई, जैसा सिर्फ भंसाली ही कर सकते हैं। दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर जैसे दमदार कलाकारों से सजी पद्मावत आज भी पीरियड फिल्मों में एक बड़ा माइलस्टोन मानी जाती है। फिल्म की एनिवर्सरी पर आइए जानते हैं पद्मावत से जुड़े 8 दिलचस्प फैक्ट्स, जो इसे इसकी विरासत जितना ही यादगार बनाते हैं।
1. एक महाकाव्य से प्रेरित
पद्मावत की कहानी मलिक मोहम्मद जायसी की 16वीं सदी की मशहूर काव्य रचना पद्मावत से प्रेरित है, जिसमें लोककथाओं, इतिहास और मिथक को सिनेमा के अंदाज़ में खूबसूरती से पिरोया गया है।
2. भंसाली की सबसे महंगी फिल्मों में से एक
भव्य स्तर पर बनी पद्मावत अपने समय की सबसे महंगी भारतीय फिल्मों में शामिल रही। शानदार सेट्स, रॉयल कॉस्ट्यूम्स और दमदार विज़ुअल इफेक्ट्स ने फिल्म की ग्रैंडनेस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
3. दीपिका पादुकोण का रॉयल ट्रांसफॉर्मेशन
रानी पद्मावती के किरदार के लिए दीपिका पादुकोण ने काफी मेहनत की थी। क्लासिकल ग्रेस सीखने से लेकर उस शांत लेकिन मजबूत ताकत को दिखाने तक, जिसने इस किरदार को खास बनाया।
4. रणवीर सिंह का अब तक का सबसे डार्क किरदार
अलाउद्दीन खिलजी के रूप में रणवीर सिंह का प्रदर्शन उनके करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस रोल के लिए उन्होंने खुद को पूरी तरह किरदार में ढाल लिया था और खिलजी की क्रूरता दिखाने के लिए मानसिक रूप से खुद को अलग तक कर लिया था।
5. शाहिद कपूर ने घुड़सवारी और तलवारबाज़ी सीखी
महारावल रतन सिंह का किरदार निभाने के लिए शाहिद कपूर ने अपने प्रदर्शन को असली दिखाने के लिए घुड़सवारी, तलवारबाज़ी और शाही शिष्टाचार में कड़ी ट्रेनिंग ली।
6. जौहर सीन की शूटिंग में कई महीने लगे
फिल्म का सबसे भावुक सीन, जौहर, की शूटिंग में उसके बड़े सेट और संवेदनशील कहानी की वजह से कई महीनों की तैयारी लगी।
7. फिल्म के सेट पर 400 से ज्यादा कारीगरों ने काम किया
भंसाली के सेट्स को सैकड़ों कारीगरों ने हाथ से बनाया, जिसमें पुराने समय के किले, नक्काशी और सही सजावट शामिल थी।
8. फिल्म शूट होने से पहले ही म्यूजिक तैयार किया गया
भंसाली की खासियत के अनुसार, पद्मावत का संगीत फिल्म शुरू होने से पहले ही बनाया गया, जिससे एक्टर्स अपने सीन के भावनात्मक लय को अच्छे से समझ सके।
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